हॉरर फिल्म 'ऑब्सेशन' की थीम पर कंडोम ऐड बनाना पड़ा भारी; पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

बिना मर्जी (कंसेंट) के सेक्स और खतरनाक जुनून को 'रोमांटिक' बनाने की कोशिश; यूजर्स बोले— 'यह बेहद घटिया और असंवेदनशील मार्केटिंग है!'

19 Jun 2026  |  126

 

 

इस्लामाबाद/मनोरंजन डेस्क। हॉरर फिल्म 'ऑब्सेशन' (Obsession) से प्रेरित एक पाकिस्तानी कंडोम विज्ञापन को सोशल मीडिया पर भारी आलोचना और विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ब्रांड ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक ऐसा विज्ञापन पोस्ट किया, जिसमें फिल्म की डरावनी थीम, बिना मर्जी के पैदा होने वाले जुनून और बेहद संवेदनशील विषयों को बेहद हल्के और मजाकिया अंदाज में पेश किया गया। इस मार्केटिंग कैंपेन के सामने आते ही इंटरनेट यूजर्स और फिल्म के फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

विवादित विज्ञापन में ऐसा क्या था?

कंडोम कंपनी के आधिकारिक पाकिस्तानी इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किए गए इस विज्ञापन में फिल्म की काल्पनिक जादुई वस्तु 'वन विश विलो' (One Wish Willow) के ठीक बगल में एक कंडोम का पैकेट रखा हुआ दिखाया गया था।

इसके साथ ही, बैकग्राउंड में अभिनेत्री इंडे नवारेटे द्वारा निभाया गया मुख्य किरदार 'निक्की' अपने दरवाजे पर खड़ी नजर आ रही थी। इस पोस्ट की मुख्य टैगलाइन थी— "उसे अपना दीवाना बनाएं!" और इसके कैप्शन में लिखा था— "इसे अपनी फ्रीकी निक्की को भेजें!"

'बिना कंसेंट के सेक्स को बढ़ावा क्यों?'— सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं

इस मार्केटिंग कैंपेन ने तुरंत दर्शकों का ध्यान खींचा, जिसके बाद ब्रांड को जमकर खरी-खोटी सुननी पड़ रही है। आलोचकों और यूजर्स का तर्क है कि विज्ञापन ने फिल्म के असली और डरावने संदर्भ को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया और इसकी सबसे परेशान करने वाली कहानी को महज एक सस्ते मार्केटिंग गिमिक में बदल दिया।

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा:

एक यूजर ने कमेंट किया: "यह विज्ञापन देखकर मुझे सच में उल्टी आ रही है। यह बिल्कुल भी सही रेफरेंस नहीं है।"

एक अन्य यूजर ने गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा: "कंडोम के बगल में 'वन विश विलो' रखना बेहद घृणित है। आप इस तरह बिना मर्जी (कंसेंट) के सेक्स को क्यों बढ़ावा दे रहे हैं? यह बेहद घटिया सोच है।"

क्यों कहा जा रहा है इसे खतरनाक और असंवेदनशील?

विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स के मुताबिक, इस विज्ञापन के साथ समस्या सिर्फ इसके खराब अंदाज की नहीं है, बल्कि इसके गहरे और खतरनाक संदेश की है।

जबरदस्ती को रोमांस का रूप: 'ऑब्सेशन' एक ऐसी फिल्म है जो पूरी तरह से बिना मर्जी के पैदा होने वाली भावनाओं और उसके खौफ पर आधारित है। विज्ञापन में "उसे अपना दीवाना बनाओ" टैगलाइन के जरिए किसी की मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती को एक 'आकर्षक' और 'रोमांटिक' चीज की तरह पेश करने की कोशिश की गई।

महिला किरदार का अपमान: "इसे अपनी फ्रीकी निक्की को भेजें" जैसे कैप्शन ने फिल्म की मुख्य महिला किरदार के संघर्ष और मानसिक प्रताड़ना को महज एक जोक या पंचलाइन बनाकर रख दिया।

कंसेंट बनाम ऑब्सेशन: आलोचकों का कहना है कि कंडोम को हमेशा 'सुरक्षित सेक्स और आपसी सहमति' के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। ऐसे में एक सुरक्षित सेक्स के प्रोडक्ट के लिए ऐसी कहानी का इस्तेमाल करना, जो किसी व्यक्ति की अपनी मर्जी खोने और एकतरफा, अस्वस्थ रिश्तों के खतरनाक परिणामों को दर्शाती है, आपसी सहमति (Consent) के पूरे सिद्धांत को ही नकारता है।

क्या है फिल्म 'ऑब्सेशन' की असली कहानी?

इस पूरे विवाद को समझने के लिए फिल्म की कहानी को जानना जरूरी है। फिल्म का प्लॉट 'बियर' नाम के एक अकेले म्यूजिक स्टोर कर्मचारी के इर्द-गिर्द घूमता है, जो अपनी बचपन की दोस्त 'निक्की' से एकतरफा प्यार करता है।

बियर को 'वन विश विलो' नामक एक रहस्यमयी वस्तु मिलती है, जिससे मन्नत मांगने के बाद निक्की के प्यार को पाने की उसकी इच्छा पूरी तो हो जाती है, लेकिन एक बेहद खौफनाक और अस्वभाविक तरीके से। जो चीज एकतरफा प्यार से शुरू होती है, वह धीरे-धीरे एक खतरनाक और जानलेवा जुनून (Obsession) में बदल जाती है। फिल्म का यही मनोवैज्ञानिक खौफ इसका मुख्य आधार है, जिसे पाकिस्तानी ब्रांड ने एक प्रोमोशनल टूल की तरह इस्तेमाल करने की नाकाम कोशिश की।

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