इंग्लिश चैनल में हाई-वोल्टेज ड्रामा: रूसी तेल टैंकर के भारतीय कप्तान अजय पंत ब्रिटेन में गिरफ्तार, 10 साल की सजा का खतरा

रूस पर लगे प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप; उत्तराखंड के नैनीताल में सहमा परिवार, भारत सरकार से लगाई रिहाई की गुहार।

21 Jun 2026  |  98

 

 

लंदन/नैनीताल।

अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ब्रिटेन की नौसेना और सुरक्षा बलों ने इंग्लिश चैनल में एक हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन चलाकर रूसी 'शैडो फ्लीट' (Shadow Fleet) के एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया है। इस मामले में टैंकर के मास्टर और भारतीय नागरिक कप्तान अजय पंत को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर रूस पर लगे कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के उल्लंघन का गंभीर आरोप है।

इस घटना के बाद उत्तराखंड के नैनीताल में रहने वाले कप्तान पंत के परिवार में कोहराम मच गया है। उनकी पत्नी और परिजनों ने भारत सरकार से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी की अपील की है।

 क्या है पूरा मामला? बीच समंदर में 'कमांडो एक्शन'

उत्तराखंड के नैनीताल के मूल निवासी, 38 वर्षीय अजय पंत 'MV Smyrtos' नामक विशाल तेल टैंकर के कैप्टन (मास्टर) के रूप में कार्यरत थे।

मिशन: यह टैंकर बीती 4 जून को रूस के उस्त-लूगा (Ust-Luga) टर्मिनल से लगभग 1,01,400 टन 'उराल क्रूड ऑयल' लोड करके भारत के गुजरात स्थित सिक्का पोर्ट (जामनगर) के लिए रवाना हुआ था।

सैन्य कार्रवाई: 14 जून को जब यह टैंकर इंग्लिश चैनल से गुजर रहा था, तभी ब्रिटिश सशस्त्र बलों ने इसे घेर लिया। रॉयल मरीन्स के कमांडो ने हेलीकॉप्टर के जरिए टैंकर पर उतरकर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया।

 कोर्ट ने भेजा जेल, 16 जुलाई को अगली सुनवाई

गिरफ्तारी के बाद कैप्टन अजय पंत को 16 जून को ब्रिटेन की साउथेम्प्टन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। उन पर 'रूस (सैंक्शंस) रेगुलेशंस 2019' के तहत प्रतिबंधों को दरकिनार कर रूसी तेल का परिवहन करने का आरोप लगाया गया है।

कानूनी स्थिति:

अदालत ने कप्तान पंत को न्यायिक हिरासत (कस्टडी) में जेल भेज दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को बोर्नमाउथ क्राउन कोर्ट में होगी। ब्रिटिश कानून के मुताबिक, यदि यह आरोप साबित होता है, तो इस अपराध के लिए अधिकतम 10 साल की कैद की सजा हो सकती है।

 "वे निर्दोष हैं, सिर्फ नौकरी कर रहे थे" — परिवार की भावुक अपील

कैप्टन अजय पंत की पत्नी रीतु पंत ने बताया कि उन्हें इस पूरी घटना और पति की गिरफ्तारी की जानकारी किसी आधिकारिक माध्यम से नहीं, बल्कि ब्रिटिश मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए मिली।

पत्नी रीतु की गुहार:

"मेरे पति पिछले 15 साल से मरीन सेक्टर में काम कर रहे हैं और उनका पूरा करियर बेदाग रहा है। वे जहाज के मालिक या तेल के खरीदार नहीं हैं, बल्कि सिर्फ अपनी कंपनी के आदेशों का पालन कर रहे थे। वे पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है।"

 हरकत में आई सरकार, मिला कॉन्सुलर एक्सेस

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार अलर्ट मोड पर हैं:

राज्य सरकार का कदम: उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्रीय विदेश मंत्रालय (MEA) को तत्काल पत्र लिखकर इस मामले में मदद मांगी है। दिल्ली में तैनात क्षेत्रीय आयुक्त लगातार केंद्रीय अधिकारियों से समन्वय बनाए हुए हैं।

डिप्लोमैटिक एक्शन: लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग तुरंत हरकत में आया है और ब्रिटिश प्रशासन ने भारतीय अधिकारियों को कैप्टन अजय पंत से मिलने के लिए कॉन्सुलर एक्सेस (राजनयिक पहुंच) दे दिया है।

 जहाज पर अभी भी फंसे हैं 24 क्रू मेंबर्स

फिलहाल, विवादित तेल टैंकर 'MV Smyrtos' को ब्रिटेन के वेमाउथ (डोरसेट) के तट के पास लंगर डालकर खड़ा किया गया है। ज्वलनशील क्रूड ऑयल लोड होने के कारण पर्यावरण और सुरक्षा सुरक्षा कारणों से इसकी चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। इस जहाज पर अभी भी 24 भारतीय और जॉर्जियाई चालक दल (क्रू) के सदस्य मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। भारत सरकार अब कानूनी और राजनयिक दोनों रास्तों से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुट गई है।

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