लंदन।
ब्रिटेन के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने की अटकलें बेहद तेज हो गई हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री के बेहद करीबी सूत्रों ने इन सभी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ये महज अफवाहें हैं और प्रधानमंत्री पूरी तरह अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
एंडी बर्नहैम की जीत के बाद गहराया संकट
पीएम स्टार्मर के इस्तीफे की यह सुगबुगाहट लेबर पार्टी के भीतर मचे आंतरिक घमासान का नतीजा मानी जा रही है। दरअसल, स्टार्मर के कट्टर विरोधी और पार्टी के दिग्गज नेता एंडी बर्नहैम ने ग्रेटर मैनचेस्टर में हुए एक विशेष चुनाव में संसद की सीट पर शानदार जीत दर्ज की है। बर्नहैम की इस जीत ने लेबर पार्टी के भीतर स्टार्मर के नेतृत्व पर सवाल उठाने वाले धड़े को और मजबूत कर दिया है।
'चेकर हाउस' में पत्नी संग मंथन: अंतिम फैसले पर टिकी नजरें
ब्रिटिश अखबार द ऑब्जर्वर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इस समय भारी राजनीतिक दबाव में हैं।
आखिरी फैसले की तैयारी:
रिपोर्ट के अनुसार, स्टार्मर अपने आधिकारिक ग्रामीण आवास 'चेकर' (Chequers) में मौजूद हैं। माना जा रहा है कि वे अपनी पत्नी के साथ मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर गंभीर सलाह-मशविरा करने के बाद ही कोई अंतिम फैसला लेंगे। लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को उम्मीद है कि सोमवार तक प्रधानमंत्री के राजनीतिक भविष्य पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
"पीछे नहीं हटूंगा" — आपसी कलह से बचने की नसीहत
इन तमाम अटकलों और दबावों के बीच प्रधानमंत्री स्टार्मर ने डटकर मुकाबला करने के संकेत भी दिए हैं। शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने साफ किया था कि वे नेतृत्व को लेकर मिलने वाली किसी भी चुनौती से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उन्होंने लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष पर चिंता जताते हुए कहा कि "आपसी कलह और गुटबाजी से पार्टी को बंटने से बचाना" इस समय बेहद जरूरी है।
आगे क्या?
ब्रिटेन की राजनीति के लिए सोमवार का दिन बेहद निर्णायक होने वाला है। यदि स्टार्मर डटे रहते हैं, तो उन्हें अपनी ही पार्टी के भीतर एक बड़े विद्रोह का सामना करना पड़ सकता है, और यदि वे इस्तीफे का विकल्प चुनते हैं, तो ब्रिटेन एक बार फिर नए प्रधानमंत्री की तलाश के साथ बड़े सियासी संकट में घिर जाएगा। दुनिया भर की नजरें अब सोमवार को लंदन से आने वाले आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।