नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के एक बड़े हिस्से के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। मौसम विभाग ने एक साथ 23 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का 'महा-अलर्ट' जारी किया है। आज दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के आधे हिस्से में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी उथल-पुथल के पीछे एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है, जिसके प्रभाव से मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है।
इन 23 राज्यों में मंडरा रहा है संकट
मौसम विभाग ने जिन राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है, उनमें उत्तर भारत से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्य शामिल हैं:
उत्तर व मध्य भारत: दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़।
पहाड़ी क्षेत्र: हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और सिक्किम।
पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत: पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, त्रिपुरा और मेघालय।
दक्षिण व तटीय भारत: केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और अंडमान निकोबार द्वीप समूह।
विशेष नोट: मध्य प्रदेश के 35 जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जहाँ बिजली गिरने और तेज हवाओं का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।
पहाड़ों पर आफत: भूस्खलन और ओलावृष्टि की चेतावनी
उत्तर भारत के प्रमुख पहाड़ी राज्यों—हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड—में मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक रुख अपना सकता है।
1. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख
ऊंचाई वाले सुदूर इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि की आशंका है। इससे तापमान में अचानक भारी गिरावट आएगी और ठंड का प्रकोप बढ़ जाएगा।
2. हिमाचल प्रदेश
राज्य के प्रमुख पर्यटन और बागवानी क्षेत्रों जैसे चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। मैदानी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।
3. उत्तराखंड व अन्य पहाड़ी क्षेत्र
मौसम विभाग ने पहाड़ों पर भूस्खलन (Landslide) की गंभीर चेतावनी जारी की है। सैलानियों और स्थानीय लोगों को पहाड़ों की यात्रा न करने या बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
नुकसान की आशंका और सुरक्षा परामर्श
पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, मेघालय, त्रिपुरा) में जोरदार आंधी के चलते पेड़ उखड़ने, बिजली के खंभे गिरने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने का बड़ा खतरा है।
मौसम विभाग की गाइडलाइन:
बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें।
तूफान के दौरान पेड़ों, जर्जर इमारतों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
आकाशीय बिजली चमकने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल बंद कर दें।