लाहौर। पाकिस्तान की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। लाहौर की एक आतंकवाद निरोधक अदालत (ATC) ने शनिवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' (PTI) को तगड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने साल 2023 में भड़के देशव्यापी दंगों से जुड़े एक मामले में पार्टी के चार वरिष्ठ और शीर्ष नेताओं को 10-10 साल की कड़ी सजा सुनाई है।
हालांकि, इसी मामले में सह-आरोपी और पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को अदालत ने बरी कर दिया है, जो पीटीआई के लिए एक आंशिक राहत की खबर है।
अदालत ने इन 4 बड़े चेहरों को ठहराया दोषी
एटीसी (ATC) के जज मंजर अली गिल ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी, जिसके बाद शनिवार को सजा का एलान किया गया। सजा पाने वाले नेताओं में इमरान खान के बेहद करीबी और पंजाब प्रांत के कई पूर्व रसूखदार नाम शामिल हैं:
उमर सरफराज चीमा (पंजाब के पूर्व गवर्नर)
डॉ. यास्मिन राशिद (पंजाब की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री)
मियां महमूद-उर-राशिद (पंजाब के पूर्व मंत्री)
एजाज चौधरी (पूर्व सांसद)
क्या था मामला? इन सभी नेताओं को लाहौर के मुगलपुरा क्षेत्र में हिंसक प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहनों पर हमला करने, उन्हें आग के हवाले करने और जनता को भड़काने के आरोप में दोषी ठहराया गया है।
9 मई 2023: वो दिन जब सुलग उठा था पाकिस्तान
यह पूरा मामला 9 मई 2023 को पूर्व क्रिकेटर और राजनेता इमरान खान की नाटकीय गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा से जुड़ा है। इमरान खान की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए थे और पूरे पाकिस्तान में, विशेषकर पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
सैन्य ठिकानों पर हमला: प्रदर्शनकारियों ने न केवल सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार दर्जनों संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों और कोर कमांडर हाउस तक में तोड़फोड़ और आगजनी की थी।
सरकार की सख्ती: इस हिंसा के बाद पाकिस्तानी सेना और सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए पीटीआई के हजारों कार्यकर्ताओं और शीर्ष नेतृत्व पर शिकंजा कसा था, जिसके तहत अब अदालती फैसलों का दौर शुरू हो चुका है।
आगे क्या?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीटीआई के इन कद्दावर नेताओं को 10 साल की सजा मिलने से इमरान खान की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। पार्टी नेतृत्व इस फैसले के खिलाफ उच्च अदालत (हाई कोर्ट) में अपील करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन फिलहाल के लिए इन चारों दिग्गज नेताओं को जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा।