मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश: 'स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत की आधारशिला है योग', मध्य प्रदेश में जन-आंदोलन बना योग

"घर-घर योग – हर व्यक्ति निरोग" के संकल्प से मध्य प्रदेश में जन-आंदोलन बना योग; जनवरी 2027 में सूबा करेगा वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी।

21 Jun 2026  |  71

 

 

भोपाल। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक विशेष ब्लॉग के जरिए प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने योग को केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि भारत की सनातन जीवन पद्धति और वैश्विक मानवता के कल्याण का माध्यम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि योग ही आज के दौर में स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत की असली आधारशिला है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष मध्य प्रदेश की धरती पर आयोजित मुख्य समारोह में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रही हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

 श्रीमद्भगवद्गीता और महर्षि पतंजलि का संदर्भ

मुख्यमंत्री ने अपने लेख में भारतीय दर्शन के दो महान सूत्रों का उल्लेख करते हुए संतुलन और स्वास्थ्य का महत्व समझाया:

समत्वं योग उच्यते: भगवान श्रीकृष्ण का यह संदेश समूचे विश्व को हर परिस्थिति में संतुलित रहने का अचूक सूत्र देता है।

योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः: महर्षि पतंजलि का यह सूत्र मानव जीवन को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ एवं निरोग रहने का मार्ग दिखाता है।

"यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और अथक प्रयासों का ही नतीजा है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी। आज दुनिया के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं।"डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री

 इस वर्ष की थीम और मध्य प्रदेश का 'वर्ल्ड रिकॉर्ड'

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" रखी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने योग को जन-जन तक पहुँचाने के लिए “घर-घर योग – हर व्यक्ति निरोग” अभियान की शुरुआत की है।

प्रदेश की बड़ी उपलब्धियां और प्रयास:

इंदौर का नया कीर्तिमान: हाल ही में इंदौर की मालवांचल यूनिवर्सिटी में आयोजित योग महोत्सव में 35 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने एक साथ सामूहिक योग कर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर: प्रदेश भर के 800 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और कल्याण केंद्रों में नियमित योग गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

योग-सखी और योग-दूत: प्रशिक्षित योग शिक्षक और स्वयंसेवक गांव-गांव और शहर के मोहल्लों तक योग का संदेश पहुंचा रहे हैं।

 प्रकृति और स्वास्थ्य का अनूठा संगम

मध्य प्रदेश सरकार ने योग को केवल स्वास्थ्य तक सीमित न रखकर इसे पर्यावरण-संरक्षण से भी जोड़ा है। विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक प्रदेश में एक विशेष जन-अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के जरिए पर्यावरण और योग के जरिए स्वास्थ्य का संरक्षण किया जा रहा है।

 बड़ी घोषणा: जनवरी 2027 में होगा 'वैश्विक सम्मेलन'

मुख्यमंत्री ने अपने ब्लॉग के माध्यम से प्रदेशवासियों के साथ एक बड़ी खुशखबरी साझा की। उन्होंने बताया कि जनवरी 2027 में मध्य प्रदेश एक भव्य वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है।

इस सम्मेलन का विषय 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य और एक चेतना: समग्र कल्याण के लिए योग' होगा। इस आयोजन के माध्यम से मध्य प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की आध्यात्मिक और सभ्यतागत चेतना का वैश्विक प्रतिनिधित्व करेगा।

 प्रदेश की जनता से आत्मीय अपील

ब्लॉग के अंत में मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और शासकीय सेवकों से सीधा आग्रह किया:

"आइए, हम सभी मिलकर योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाएं। अपने परिवार और समाज को इससे जोड़ें तथा स्वस्थ मध्य प्रदेश, विकसित भारत और समृद्ध विश्व के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।"

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