ट्रंप का 'मिशन पीस' खतरे में: नेतन्याहू की जिद से समझौते पर संकट, उधर US राष्ट्रपति को मिला 3400 करोड़ का नया 'उड़ता हुआ व्हाइट हाउस'

एक तरफ अमेरिका-ईरान डील के बीच इजराइल-हिज्बुल्लाह में भारी बमबारी, दूसरी तरफ कतर से मिले तोहफे वाले 'एयरफोर्स वन' से उड़ान भरेंगे ट्रंप।

21 Jun 2026  |  91

 

 

 

वाशिंगटन/बेरूत। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ ऐतिहासिक अंतरिम शांति समझौता (MOU) तो कर लिया है, लेकिन उनके इस 'पीस मिशन' की सही लैंडिंग होती नहीं दिख रही है। फाइनल डील से पहले ही इस समझौते पर संकट के बादल गहरा गए हैं, जिसकी मुख्य वजह इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच थमती नहीं दिख रही जंग है। अमेरिका-ईरान समझौते के तहत लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सीजफायर की शर्त थी, जिसे इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मानने से साफ इनकार कर दिया है।

 1 घंटे भी नहीं टिकी सीजफायर डील, लेबनान में तबाही जारी

इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच जमीनी हकीकत बेहद खौफनाक बनी हुई है:

सीजफायर का उल्लंघन: 19 जून को शाम 4 बजे से लागू हुई सीजफायर डील एक घंटे भी नहीं टिक सकी और इजराइली हमले और तेज हो गए। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं।

भारी जानी नुकसान: 'ह्यूमन राइट्स वॉच' के मुताबिक, 19 जून को सीजफायर टूटते ही लेबनान में 50 लोगों की मौत हो गई। इससे पहले 17 अप्रैल को भी सीजफायर के दिन 98 नागरिक मारे गए थे। संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, दोनों ओर से अब तक 15,400 से अधिक बार सीजफायर का उल्लंघन किया जा चुका है।

ईरान की जवाबी धमकी और नेतन्याहू की जिद

इजराइल का दावा है कि हिज्बुल्लाह के हमले में उसके (IDF) चार सैनिकों की मौत के बाद उन्होंने यह कार्रवाई शुरू की है। नेतन्याहू किसी भी हाल में हिज्बुल्लाह का अस्तित्व मिटाने पर अड़े हैं। इस पर ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए हमले की धमकी जारी की है और कहा है कि अगर लेबनान पर इजराइली हमले नहीं रुके, तो उसे विनाशकारी जवाब दिया जाएगा।

 बड़ी खबर: क्या नेतन्याहू के तख्तापलट की तैयारी में हैं ट्रंप?

इजराइली मीडिया चैनल्स की रिपोर्टों में एक सनसनीखेज दावा किया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन यह मान चुका है कि नेतन्याहू रुकने वाले नहीं हैं, इसलिए अमेरिका अब इजराइल के आगामी चुनावों में नेतन्याहू को सत्ता से बाहर करने की रणनीति पर काम कर रहा है। दावा है कि ट्रंप प्रशासन नेतन्याहू के विरोधी नेता नेफ्ताली बेनेट के संपर्क में है, ताकि चुनाव के बाद उन्हें सत्ता की बागडोर सौंपी जा सके और इस युद्ध संकट को खत्म किया जा सके।

 चर्चा में ट्रंप का नया जहाज: कतर से गिफ्ट में मिला 'एयरफोर्स वन'

इन तमाम कूटनीतिक तनावों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया विमान 'एयरफोर्स वन' इस वक्त दुनिया भर में सुर्खियां बटोर रहा है। दरअसल, ट्रंप को अरबों रुपये का यह बोइंग 747-8 विमान कतर के अमीर की तरफ से तोहफे में मिला है। ट्रंप ने खुद इस विमान को दुनिया के सामने पेश किया और कहा कि वह अगले महीने तुर्की के अंकारा में होने वाले NATO शिखर सम्मेलन में इसी विमान से जाएंगे।

 6700 करोड़ रुपये का 'सुपर जेट'

तोहफे की कीमत: कतर से मिले इस बोइंग 747-8 की मूल कीमत करीब 3,400 करोड़ रुपये है। हालांकि, दूसरे देश से इतना महंगा गिफ्ट लेने पर ट्रंप की आलोचना भी हुई थी, लेकिन उन्होंने इसे व्यावहारिक बताते हुए स्वीकार किया।

अमेरिका का खर्च: इसे अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा और जरूरतों के अनुसार पूरी तरह अपग्रेड करने में अमेरिका ने भी करीब 3,300 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

 क्यों कहा जा रहा है इसे 'उड़ता हुआ व्हाइट हाउस'?

लंबे समय से बोइंग की तरफ से नए आधिकारिक विमान की डिलीवरी में देरी हो रही थी, इसलिए ट्रंप ने इस आलीशान जेट को अस्थायी रूप से 'एयरफोर्स वन' सेवा के लिए चुन लिया। इसकी खासियतें इसे दुनिया का सबसे आधुनिक विमान बनाती हैं:

विशेषताविवरण
रंग और डिजाइनट्रंप की पसंद के अनुसार लाल, सफेद और गहरे नीले रंगों का नया लुक (पुराने हल्के नीले से अलग)।
रफ्तार और इंजन4 शक्तिशाली इंजनों के साथ 1060 किमी/घंटा की क्रूजिंग स्पीड (कमर्शियल उड़ानों से काफी तेज)।
क्षमताएक बार में 14,000 किलोमीटर की नॉन-स्टॉप उड़ान; 100 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था।
लग्जरी इंटीरियरशानदार मास्टर बेडरूम, डाइनिंग एरिया, लाउंज-स्टाइल प्राइवेट सुइट और राष्ट्रपति के लिए बड़ा ऑफिस व कॉन्फ्रेंस रूम।

 

 सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम

अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने जासूसी की आशंका को खत्म करने के लिए इस विमान के हर हिस्से की कड़ी जांच की है। इसके बाद इसे पूरी तरह 'मिलिट्री ग्रेड' सुरक्षा से लैस किया गया है, जिसमें शामिल हैं:

मिसाइल वॉर्निंग सिस्टम और एयर डिफेंस सिस्टम।

हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग उपकरण।

परमाणु हमले के असर को बेअसर करने वाली EMP शील्डिंग

दुनिया से हर पल जुड़े रहने के लिए एडवांस सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम।

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