अयोध्या राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी मामला: "200 करोड़ का कैश गायब, फिर भी FIR क्यों नहीं?"— केजरीवाल का सरकार पर तीखा हमला

राम मंदिर घोटाले को लेकर गरमाई सियासत; अरविंद केजरीवाल ने पूछा- केंद्र और राज्य में सरकार होने के बाद भी ED-CBI मौन क्यों, आखिर किसे बचाया जा रहा है?

21 Jun 2026  |  90

 

 

नई दिल्ली / अयोध्या।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर में दान और चढ़ावे के कथित गबन का मामला अब देश की सियासत के केंद्र में आ गया है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो जारी कर सीधे सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। केजरीवाल ने दावा किया है कि इस महा-घोटाले में बहुत बड़े-बड़े नाम शामिल हैं, जिन्हें बचाने के लिए जांच एजेंसियों को दूर रखा जा रहा है।

 "करोड़ों हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़, सरकार किसे बचा रही है?"

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:

"राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। उसी राम मंदिर से करोड़ों रुपए का दान चोरी हो गया, लेकिन बेहद हैरान करने वाली बात है कि अब तक इस मामले में एक भी एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई है। सरकार आखिर किसे बचाने की कोशिश कर रही है? इस महापाप में शामिल लोग चाहे कितने भी रसूखदार क्यों न हों, उन्हें तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए।"

 "200 करोड़ कैश और हीरे-जवाहरात गायब, न रेड हुई न गिरफ्तारी"

आप नेता ने घोटाले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि जो जानकारियां सामने आ रही हैं, वे चौंकाने वाली हैं। अनुमान है कि मंदिर से लगभग 200 करोड़ रुपए का कैश और कीमती हीरे-जवाहरात के बक्से चोरी हुए हैं।

केजरीवाल ने सवाल उठाया कि जब केंद्र और उत्तर प्रदेश दोनों ही जगह एक ही दल की सरकारें हैं, तो यूपी पुलिस, सीबीआई (CBI) या ईडी (ED) ने अब तक कोई मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया? उन्होंने आरोप लगाया, "इस घोटाले के तार इतने ऊंचे जुड़े हैं कि अगर निष्पक्ष कार्रवाई हुई, तो सरकार भी गिर सकती है।" इसके साथ ही उन्होंने जनता से सवाल किया कि आपके लिए सरकार को बचाना ज़रूरी है या देश के करोड़ों लोगों की आस्था को?

 रडार पर बैंक कर्मी और ट्रस्टी; SIT कर रही है सघन जांच

दूसरी ओर, इस कथित चोरी के मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित की गई विशेष जांच टीम (SIT) मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। एसआईटी की जांच में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं:

हेराफेरी का दायरा: जांच में केवल नकद ही नहीं, बल्कि दान में मिले चांदी के हार और चरण-पादुकाओं की हेराफेरी की बात भी सामने आ रही है।

संदेह के घेरे में: राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारी (ट्रस्टी), संबंधित बैंक कर्मी और आउटसोर्सिंग स्टाफ इस वक्त एसआईटी के रडार पर हैं।

 सीएम योगी को 7 दिन में सौंपी जाएगी रिपोर्ट

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी अगले सात दिनों के भीतर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप देगी। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कड़ा रुख अख्तियार करते हुए साफ कर दिया है कि राम मंदिर की पवित्रता और आस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

अब देखना यह है कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में क्या कानूनी मोड़ आता है और विपक्ष के इन तीखे हमलों पर सत्ता पक्ष क्या जवाबी कार्रवाई करता है।

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