फीफा वर्ल्ड कप 2026 में महा-रिकॉर्ड: ग्रुप स्टेज खत्म होने से पहले ही टूटा सबसे ज्यादा गोल का इतिहास!

48 टीमों के इस महाकुंभ में सिर्फ 60 मैचों के भीतर दागे गए 177 गोल; मेसी ने कतर वर्ल्ड कप का रिकॉर्ड तोड़ने में निभाई सबसे बड़ी भूमिका।

26 Jun 2026  |  153

 

खेल डेस्क: अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में खेला जा रहा फीफा (FIFA) वर्ल्ड कप 2026 हर दिन के साथ एक नया इतिहास रच रहा है। 48 टीमों के विस्तार के साथ यह टूर्नामेंट पहले ही इतिहास का सबसे बड़ा वर्ल्ड कप बन चुका था, लेकिन अब मैदान पर खिलाड़ियों ने गोल की ऐसी बरसात की है जिसने पिछले सारे रिकॉर्ड्स को बहुत पीछे छोड़ दिया है।

हैरानी की बात यह है कि अभी पूरे टूर्नामेंट के मैच खत्म होना तो दूर, ग्रुप स्टेज भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और एक वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल होने का सर्वकालिक रिकॉर्ड टूट चुका है।

59वें मैच में टूटा कतर (2022) का रिकॉर्ड

मौजूदा वर्ल्ड कप में अब तक कुल 177 गोल दागे जा चुके हैं। गोल का यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड टूर्नामेंट के 59वें मैच में उस समय टूटा जब मेजबान अमेरिका के डिफेंडर ऑस्टन ट्रस्टी ने तुर्की के खिलाफ शानदार गोल दागा।

यह इस टूर्नामेंट का 173वां गोल था। इस गोल के साथ ही ठीक 4 साल पहले कतर वर्ल्ड कप 2022 में बने कुल 172 गोल का रिकॉर्ड ध्वस्त हो गया। दिलचस्प बात यह है कि कतर में यह रिकॉर्ड पूरे टूर्नामेंट के 64 मैच खेलने के बाद बना था, जबकि इस बार केवल 59वें मैच में ही यह कीर्तिमान स्थापित हो गया।

मेसी का जलवा और गोल मशीनें

इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को बनाने में दुनिया के महानतम खिलाड़ियों ने अपना पूरा दमखम दिखाया है:

लियोनल मेसी (अर्जेंटीना): रिकॉर्ड को तोड़ने में सबसे बड़ा योगदान अर्जेंटीना के दिग्गज कप्तान लियोनल मेसी का रहा, जिन्होंने महज़ 2 मैचों में ही 5 गोल दागकर सनसनी मचा दी है।

टॉप स्कोरर्स की रेस: मेसी के ठीक पीछे फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे, नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड और ब्राजील के विनिशियस जूनियर 4-4 गोल के साथ लगातार दबाव बनाए हुए हैं।

गोल दागने में कौन सी टीमें हैं सबसे आगे?

टूर्नामेंट में आक्रामक फुटबॉल खेलने के मामले में यूरोपीय और मेजबान देशों का दबदबा साफ नजर आ रहा है:

रैंकटीमकुल गोल
1जर्मनी, नीदरलैंड10-10 गोल
2अमेरिका, कनाडा (मेजबान)8-8 गोल

 

जिस रफ्तार से इस वर्ल्ड कप में गोल हो रहे हैं, उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि नॉकआउट स्टेज खत्म होने तक यह आंकड़ा एक ऐसे शिखर पर पहुंच जाएगा, जिसे तोड़ पाना भविष्य में किसी भी टीम के लिए बेहद मुश्किल होगा।

अन्य खबरें