"फसल भी होगी बंपर और मिट्टी भी रहेगी सेहतमंद... दलहन-तिलहन मिशन के तहत एमपी सरकार दे रही है मुफ्त खाद-बीज का शानदार मौका!"

चंबल के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: 'आत्मनिर्भर पल्स मिशन' के तहत मुफ्त मिलेंगे उन्नत बीज और बायो-फर्टिलाइजर, सीधे खाते में आएगी सब्सिडी

27 Jun 2026  |  149

 

शिवपुरी (मध्य प्रदेश):

मध्य प्रदेश के चंबल संभाग के किसानों के लिए खेती-किसानी से जुड़ा एक बड़ा और बेहद फायदेमंद अपडेट सामने आया है। यदि आप भी आगामी फसल सीजन में मुफ्त या भारी सब्सिडी पर उन्नत बीज, बायो-फर्टिलाइजर (कल्चर) और मिट्टी के उपचार की जैविक दवाएं पाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है।

देश को दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के ‘दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन’ और 'नेशनल ऑयलसीड मिशन' के तहत चंबल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन (डेमोस्ट्रेशन) प्लॉट लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। शिवपुरी जिले के कृषि सलाहकार सर्वेश शर्मा के मुताबिक, पात्र किसानों को इसके तहत सीधे लाभान्वित किया जा रहा है।

कैसे मिलेगा योजना का लाभ? जानें आसान प्रक्रिया

इस सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को बेहद सरल प्रक्रिया से गुजरना होगा:

पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन: सबसे पहले किसानों को 'एमपी किसान पोर्टल' या 'कृषि मित्र ऐप' पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण (पंजीयन) कराना होगा।

पात्र किसानों का चयन: पंजीकरण के बाद विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य और क्षेत्र के अनुसार योग्य किसानों की एक सूची तैयार की जाएगी।

वैज्ञानिकों की सलाह: कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के वैज्ञानिकों की देखरेख में जिले की जलवायु और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार ही प्रदर्शन प्लॉट के लिए सामग्री तय होती है।

DBT से सीधी सब्सिडी: किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके अलावा किसान अधिकृत दुकानों, एमपी एग्रो या डीएमओ (DMO) के माध्यम से अन्य सामग्री भी ले सकते हैं। चयनित किसानों की लिस्ट और बैंक अकाउंट की जानकारी सत्यापित होने के बाद डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सब्सिडी की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।

खेतों में महकेगी फसल: इन उन्नत किस्मों के बीजों का होगा वितरण

ज्यादा पैदावार और फसलों को बीमारियों से बचाने के लिए कृषि विभाग किसानों को नई और रोग-प्रतिरोधी किस्मों के बीज बांट रहा है:

उड़द: आईपीयू (IPU) श्रृंखला की सबसे उन्नत किस्में।

अरहर: पूसा अरहर सहित अन्य बेहतरीन किस्में।

मूंगफली: जीजी, गिरनार, कादरी लेपाक्षी, नित्याहार्ता और टीएजी (TAG) श्रृंखला की किस्में।

सोयाबीन: आरवीएसएम (RVSM) श्रृंखला की उन्नत किस्में।

बीज के साथ मुफ्त मिलेंगी ये जैविक दवाएं और कल्चर

फसल के साथ-साथ मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए सरकार किसानों को केवल बीज ही नहीं, बल्कि कई जरूरी जैविक उत्पाद भी दे रही है:

बायो-फर्टिलाइजर (कल्चर): राइजोबियम कल्चर, पीएसबी (PSB) कल्चर और पोटेशियम सॉलूबिलाइजिंग बैक्टीरिया कल्चर।

अन्य महत्वपूर्ण कल्चर: जरूरत के मुताबिक एजोटोबैक्टर और एजोस्पिरिलम कल्चर।

मिट्टी उपचार सामग्री: ट्राइकोडर्मा जैसी बेहद असरदार जैविक दवाएं, जो मिट्टी में लगने वाली फफूंद (फंगस) और दीमक जैसे घातक कीटों से फसल की रक्षा करती हैं।

कृषि विभाग की अपील:

कृषि विभाग ने चंबल क्षेत्र के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे बिना देर किए समय रहते अपना पंजीकरण करवाएं, ताकि आधुनिक और उन्नत तकनीकों के सहारे अपनी पैदावार को बढ़ाकर अपनी आय को दोगुना कर सकें।

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