सरकारी खजाने में बंपर उछाल: जून में ₹1.95 लाख करोड़ पहुंचा रिकॉर्ड GST कलेक्शन, 13 महीनों में दर्ज हुई सबसे तेज बढ़त

सालाना आधार पर 13.9% की भारी ग्रोथ; विदेशी सामानों का आयात बना कमाई का मुख्य इंजन, यूपी ने बड़े राज्यों में मारी बाजी।

01 Jul 2026  |  149

 

 

 

नई दिल्ली। देश की आर्थिक मोर्चे से एक बेहद शानदार और मजबूत खबर सामने आ रही है। घरेलू बाजार में वस्तुओं की मजबूत मांग और टैक्स प्रशासन में सुधार के चलते जून 2026 में भारत का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जून में नेट जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 13.9% बढ़कर ₹1,94,812 करोड़ (लगभग 1.95 लाख करोड़ रुपये) पर पहुंच गया है। पिछले साल (जून 2025) में यह आंकड़ा 1.71 लाख करोड़ रुपये था। यह बढ़ोतरी पिछले 13 महीनों में सबसे तेज और सबसे बड़ी है।

विदेशी सामानों के आयात से बरसी लक्ष्मी

इस बार सरकारी खजाने के मजबूत होने का सबसे बड़ा कारण विदेशी वस्तुओं का आयात रहा है। आंकड़ों के विश्लेषण से समझें कि सरकार को कहाँ से कितनी कमाई हुई:

आयातित वस्तुएं (Imported Goods): कमाई में सबसे बड़ा उछाल आयातित वस्तुओं पर लगे टैक्स से आया, जो 34.6% की भारी बढ़त के साथ ₹60,038 करोड़ पर पहुंच गया (पिछले साल यह ₹44,608 करोड़ था)।

घरेलू व्यापार (Domestic Business): घरेलू बाजार से होने वाली टैक्स वसूली सालाना आधार पर 6.5% बढ़कर ₹1,34,774 करोड़ रही।

नेट जीएसटी रेवेन्यू: रिफंड्स को हटाकर सरकार का शुद्ध जीएसटी राजस्व 11.2% बढ़कर ₹1,62,377 करोड़ हो गया।

रिफंड्स (Refunds): जून महीने में कुल टैक्स रिफंड भी 29.1% बढ़कर ₹32,436 करोड़ दर्ज किया गया।

राज्यवार प्रदर्शन: महाराष्ट्र टॉप पर, यूपी की लंबी छलांग

जीएसटी कलेक्शन के मामले में अलग-अलग राज्यों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:

राज्यजून 2026 का कलेक्शनप्रदर्शन / ग्रोथ रेट
महाराष्ट्र₹30,714 करोड़देश में सबसे टॉप पर बरकरार
कर्नाटक₹12,937 करोड़मजबूत प्रदर्शन के साथ दूसरे स्थान पर
गुजरात₹11,743 करोड़तीसरे स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत रखी
उत्तर प्रदेश₹9,165 करोड़19% की ग्रोथ के साथ बड़े राज्यों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

 

मंदी का झटका: जहां उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं कुछ बड़े राज्यों के कलेक्शन में गिरावट भी देखी गई। तमिलनाडु में 2%, जबकि राजस्थान और मध्य प्रदेश में 5-5% की गिरावट दर्ज की गई है।

क्यों उछला जीएसटी का ग्राफ?

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस शानदार ग्रोथ के पीछे तीन मुख्य कारक काम कर रहे हैं। पहला— विदेशी सामानों के आयात में आई भारी तेजी, जिसने ग्रोथ इंजन का काम किया। दूसरा— भारतीय बाजार में कंज्यूमर्स द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की लगातार बनी हुई मजबूत डिमांड। और तीसरा— देश का मजबूत होता डिजिटल इकोसिस्टम और टैक्स चोरी रोकने में प्रशासनिक मुस्तैदी। इस बंपर कलेक्शन से साफ है कि भारतीय अर्थव्यवस्था सही दिशा में और बेहद तेज गति से आगे बढ़ रही है।

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