बिहार के गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी: बीज विकास और यंत्रीकरण की दो बड़ी योजनाएं मंजूर, खाते में सीधे आएगा अनुदान

नीतीश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत किए 34.60 करोड़; सिंगल बड तकनीक को बढ़ावा और ईबीसी-एससी-एसटी वर्ग को 10% अतिरिक्त सब्सिडी

03 Jul 2026  |  427

 

 

पटना।

बिहार सरकार ने राज्य के गन्ना किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दो अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाओं— 'बीज विकास योजना' और 'गन्ना यंत्रीकरण योजना' को अपनी मंजूरी दे दी है। इन योजनाओं के तहत किसानों को उन्नत बीज और आधुनिक कृषि यंत्रों (इक्विपमेंट्स) पर भारी सब्सिडी दी जाएगी। सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन रखा है, जिससे अनुदान की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचेगी।

1. बीज विकास योजना: प्रजनक और आधार बीज पर बंपर सहायता

गन्ने की उन्नत पैदावार के लिए सरकार ने उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन और इस्तेमाल पर विशेष प्रोत्साहन राशि तय की है:

सत्यापित बीज उत्पादन पर अनुदान: सामान्य वर्ग के किसानों को प्रति क्विंटल 260 रुपये और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC-ST) के किसानों को 310 रुपये की दर से अनुदान मिलेगा।

आधार और प्रजनक बीज: आधार बीज उत्पादन के लिए अधिकतम 70 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। वहीं, प्रजनक बीज (Breeder Seed) उत्पादन का कार्य ईख अनुसंधान संस्थान (पूसा) और भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (लखनऊ) के मोतीपुर केंद्र के माध्यम से कराया जाएगा, जिसके लिए 2.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक की प्रोत्साहन राशि निर्धारित है।

सिंगल बड तकनीक (Single Bud Technology): सरकार गन्ने की बुआई के लिए सिंगल बड तकनीक को विशेष रूप से बढ़ावा दे रही है। इस तकनीक से बीज की खपत कम होती है और लागत में बड़ी बचत होती है। इसके लिए किसानों को अधिकतम 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तक का विशेष अनुदान दिया जाएगा।

2. गन्ना यंत्रीकरण योजना: कृषि यंत्रों पर 80% तक की छूट

खेती को आधुनिक और सुगम बनाने के लिए 34.60 करोड़ रुपये की लागत से गन्ना यंत्रीकरण योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत फसल की तैयारी से लेकर कटाई तक के आधुनिक यंत्रों पर सब्सिडी मिलेगी:

3,218 यंत्रों का वितरण: इस वित्तीय वर्ष में राज्य भर में 3,218 आधुनिक कृषि यंत्र बांटे जाएंगे और 80 यंत्र बैंक (Custom Hiring Centres) स्थापित करने का लक्ष्य है।

श्रेणीवार सब्सिडी का लाभ: सामान्य वर्ग के किसानों को कृषि यंत्रों पर 40 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी, जबकि एससी-एसटी (SC-ST) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के किसानों को 50 प्रतिशत (10% अतिरिक्त) का लाभ मिलेगा।

विशेष यंत्रों पर भारी छूट: फसल अवशेष प्रबंधन (पराली प्रबंधन) के यंत्रों पर 75 प्रतिशत, बीज उपचार यंत्रों पर 80 प्रतिशत और नए 'यंत्र बैंक' की स्थापना के लिए अधिकतम 8 लाख रुपये तक की सरकारी सहायता का प्रावधान किया गया है।

पूरी प्रक्रिया डिजिटल: केन केयर और डीबीटी पोर्टल से मिलेगा लाभ

पारदर्शिता पर जोर: बिचौलियों और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए बिहार सरकार ने दोनों योजनाओं की आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है।

बीज विकास योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को 'केन केयर पोर्टल' (Canecare Portal) पर लॉगिन करना होगा।

यंत्रीकरण योजना के लिए कृषि विभाग के आधिकारिक डीबीटी (DBT) पोर्टल के माध्यम से आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

आवेदन की स्वीकृति के बाद सब्सिडी की रकम प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (Direct Benefit Transfer - DBT) के जरिए सीधे किसान के पंजीकृत बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

बिहार सरकार की इस अनूठी पहल से न केवल गन्ने की उत्पादकता में सुधार होगा, बल्कि आधुनिक यंत्रीकरण से किसानों का समय और श्रम दोनों बचेगा, जो राज्य के चीनी उद्योग को भी नई मजबूती देगा।

अन्य खबरें