झारखंड में पर्यटन और खेल क्रांति की तैयारी: बंद खदानें बनेंगी टूरिस्ट स्पॉट, नेतरहाट में बनेगा ग्लास ब्रिज; CM सोरेन ने दिए स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के निर्देश

युवाओं और संस्कृति को मिलेगा नया मुकाम: पतरातू में रोपवे, खिलाड़ियों का बनेगा स्पेशल डेटाबेस; 12 हजार कलाकारों का जिला स्तर पर होगा भौतिक सत्यापन।

07 Jul 2026  |  1106

 

रांची।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को मंत्रालय में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की एक हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक की। वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों का लेखा-जोखा लेते हुए मुख्यमंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए कई गेम-चेंजर परियोजनाओं को तय समयसीमा (Time-bound) में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि पर्यटन और खेल का विकास केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का एक सबसे बड़ा जरिया बनने जा रहा है।

कोल माइन्स में घूमेंगे पर्यटक: अंडरग्राउंड माइन्स बनेंगी टूरिज्म हब

झारखंड की खनिज संपदा को अब पर्यटन का नया चेहरा देने की अनूठी तैयारी है।

अंडरग्राउंड माइनिंग टूरिज्म: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के वैसे भूमिगत (Underground) कोयला खदान क्षेत्रों की पहचान की जाए जहाँ खनन बंद हो चुका है, ताकि उन्हें सुरक्षित पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सके।

इको टूरिज्म का विस्तार: सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, हजारीबाग और रांची जैसे जिलों में इको टूरिज्म परियोजनाओं को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाने को कहा गया है। इसके लिए राज्य की 'नई पर्यटन नीति' भी जल्द सामने आएगी।

पतरातू और नेतरहाट का कायाकल्प: लगेगा रोपवे और बनेगा ग्लास ब्रिज

झारखंड के दो सबसे खूबसूरत हिल स्टेशनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है:

पर्यटन स्थलप्रस्तावित नई सुविधाएं और विकास कार्य
पतरातू घाटीपतरातू व्यू पॉइंट के निर्माण में तेजी और संवेदनशील पहाड़ियों पर रोपवे (Slope Ropeway) का विकास।
नेतरहाट (लातेहार)आधुनिक ग्लास वॉच टावर या ग्लास ब्रिज, कोयल व्यू पॉइंट पर लग्जरी कॉटेज और ट्रैकिंग रूट्स।
लोध जलप्रपातपर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) पर्यटन और बुनियादी जनसुविधाएं।

 

मेडल लाओ, मुफलिसी भूल जाओ: झारखंड में बनेगी 'स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी'

खेल और खिलाड़ियों के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को कभी आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।

खिलाड़ियों का डेटाबेस: राज्य के सभी प्रतिभावान और आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों का एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा ताकि उन्हें सीधी आर्थिक मदद और प्रोत्साहन मिल सके।

स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी: खेलगांव की मेगा स्पोर्ट्स अवसंरचना का कायाकल्प करने के साथ ही झारखंड में एक विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। खिलाड़ियों और कोचों को बेहतर ट्रेनिंग के लिए दूसरे राज्यों के शीर्ष संस्थानों में 'एक्सपोजर विजिट' पर भी भेजा जाएगा।

सांस्कृतिक पहचान को धार: 12 हजार कलाकारों का होगा नेशनल वेरिफिकेशन

झारखंड की समृद्ध लोक कला और संस्कृति को वैश्विक मंच देने के लिए कला एवं संस्कृति विभाग को भी कड़े निर्देश मिले हैं। विभाग ने बैठक में बताया कि अब तक राज्य के 12,000 से अधिक कलाकारों का पंजीकरण किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने इन सभी पंजीकृत कलाकारों का जिला स्तर पर त्वरित भौतिक सत्यापन (Verification) करने का आदेश दिया। इन कलाकारों को देश के प्रतिष्ठित कला और सांस्कृतिक संस्थानों से जोड़ा जाएगा, जिससे अन्य राज्यों के कलाकारों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान (Cultural Exchange) और एडवांस ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जा सकें।

बैठक में रहे मौजूद:

इस उच्चस्तरीय बैठक में विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और नीति नियोजक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

अन्य खबरें