बिहार में फिर बिगड़े सियासी बोल: पूर्व RJD विधायक ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को कहा 'शिखंडी', वीडियो वायरल

"शब्दावली पर मचा बवाल—गया में राजद के मंच से बरसे रंजीत यादव; परिवारवाद और जातिगत राजनीति का आरोप लगा घेरा, मांझी गुट की प्रतिक्रिया का इंतजार"

08 Jul 2026  |  824

 

 

गया/पटना।

बिहार की राजनीति में शब्दों की मर्यादा और बयानों का स्तर एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। गया में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान अतरी के पूर्व राजद विधायक रंजीत यादव ने केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी पर एक बेहद विवादित टिप्पणी कर दी है। रंजीत यादव ने भरे मंच से केंद्रीय मंत्री के लिए 'शिखंडी' शब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस तीखे बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

"यादव समाज को भगाने की बात करते हैं..." — पूर्व विधायक के गंभीर आरोप

राजद के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक रंजीत यादव ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने भाषण में कहा:

"बिहार में एक 'शिखंडी' हैं, जो हमारे ही क्षेत्र के केंद्रीय मंत्री भी हैं। वह यादव समाज को बिहार से भगाने की बात करते हैं। आज वही लोग अपने परिवार के सदस्यों—बेटा, बेटी, बहू और दामाद को राजनीति में आगे बढ़ाने और मलाई खिलाने में लगे हुए हैं।"

बात से मुकरने और इतिहास का दिया हवाला

रंजीत यादव ने जीतन राम मांझी के पुराने बयानों और घटनाओं का जिक्र करते हुए उन पर अवसरवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब जीतन राम मांझी एक मंदिर गए थे और कथित तौर पर उनके जाने के बाद मंदिर को धोया गया था, तब उन्होंने कड़ा विरोध किया था; लेकिन बाद में वे अपनी ही बात से मुकर गए और कहने लगे कि वे लोग बाहर से आए थे और आर्यन थे।

इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक न्याय का कार्ड खेलते हुए दावा किया कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने हमेशा पिछड़े और वंचित वर्गों को समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने का काम किया है, जबकि कुछ नेता इन वर्गों को फिर से पीछे धकेलने की साजिश रच रहे हैं।

कार्यकर्ताओं से एकजुट होने की अपील, गरमाई सूबे की सियासत

भाषण के अंत में पूर्व विधायक ने राजद कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सभी आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट हों और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का हाथ मजबूत करें ताकि सामाजिक न्याय की लड़ाई को और धार दी जा सके।

अभी तक मांझी गुट की प्रतिक्रिया का इंतजार 'शिखंडी' जैसे अमर्यादित शब्द का इस्तेमाल किए जाने के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज होने के पूरे आसार हैं। हालांकि, इस पूरे विवाद और तीखे हमले पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी या उनकी पार्टी 'हम' की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक या तीखी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह बयान बिहार की चुनावी और सामाजिक राजनीति में नया रंग ले सकता है।

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