नई दिल्ली:
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को देश के खिलाफ चल रही एक बड़ी ऑनलाइन आतंकवाद की साजिश का भंडाफोड़ करते हुए देशव्यापी तलाशी अभियान चलाया है। एनआईए की टीमों ने देश के 10 राज्यों में एक साथ 20 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों—आइसिस (ISIS) और अल-कायदा (AQIS)—की हिंसक विचारधारा को बढ़ावा देकर भारत की लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ जिहाद छेड़ने और 'इस्लामी राज्य' की स्थापना करने की साजिश को नाकाम करना है।
10 राज्यों में एक साथ एक्शन, भारी मात्रा में डिजिटल सबूत जब्त
एनआईए के मुताबिक, यह छापेमारी मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली में की गई। इस पूरे मामले में अब तक 11 आरोपियों और एक किशोर (नाबालिग) को पकड़ा जा चुका है।
जांच एजेंसी ने बताया कि पहले जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों के तकनीकी और फॉरेंसिक विश्लेषण के आधार पर इन 20 नए ठिकानों की पहचान की गई थी। आरोपी और उनके सहयोगी इंटरनेट के माध्यम से देश के मासूम और आसानी से प्रभावित होने वाले युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें हिंसक जिहादी सामग्री परोसने के काम में लिप्त थे।
उत्तर प्रदेश: गोरखपुर में पेंट कारोबारी और बुलंदशहर में मेडिकल संचालक पर छापा
गोरखपुर: एनआईए ने यूपी एटीएस (ATS) के साथ मिलकर गोरखपुर के इलाहीबाग में पेंट व्यवसायी कमाल अहमद के घर पर छापा मारा। इनपुट था कि कमाल अहमद का मूल रूप से बिहार (सिवान) का रहने वाला नाबालिग भांजा ऑनलाइन माध्यम से जिहादी विचारधारा फैला रहा है। जांच टीम ने किशोर के पास से चार मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और एक पेनड्राइव जब्त की है। उसके विदेशी हैंडलर्स के साथ सीधे संपर्क के सबूत मिले हैं।
बुलंदशहर: यहां एक मेडिकल स्टोर संचालक खुशबुद्दीन उर्फ अलीमुद्दीन के घर पर एनआईए ने दस्तक दी। टीम ने उनके बड़े बेटे कादिर से करीब सात घंटे तक सघन पूछताछ की और उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया। कादिर पर सोशल मीडिया पर देश विरोधी पोस्ट को लाइक करने और संदिग्ध वेबसाइट्स को लगातार देखने का आरोप है।
जोधपुर: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर के घर दबिश
राजस्थान के जोधपुर में भी एनआईए ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी 'आईएसआई' (ISI) के 19 वर्षीय हैंडलर जीशान के घर पर सुबह से दोपहर तक छानबीन की। अधिकारियों ने जीशान के बैंक खातों, उसके वित्तीय लेन-देन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। मौके से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और उसकी बुलेट बाइक भी जब्त की गई है।
आंध्र प्रदेश से शुरू हुई थी जांच की कड़ी
इस बड़े मामले की शुरुआत इसी साल मार्च में हुई थी, जब आंध्र प्रदेश की विजयवाड़ा पुलिस ने मुख्य आरोपी रहमतुल्ला शरीफ मोहम्मद के आवास पर छापेमारी के बाद केस दर्ज किया था। उस दौरान उसके घर से आइसिस और अल-कायदा से जुड़ी बेहद आपत्तिजनक और प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई थी, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एनआईए को सौंपी गई थी। फिलहाल, एनआईए पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर इस नेटवर्क की गहराई का पता लगाने में जुटी है।