MP कैबिनेट के बड़े फैसले: डेटा सेंटर के लिए ₹800 करोड़ की मंजूरी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की होगी सीधी भर्ती

65 शहरों में विकसित होंगे 'नमो हरित' अर्बन फॉरेस्ट; केन-बेतवा परियोजना प्रभावितों का मुआवजा ₹5 लाख से बढ़ाकर हुआ ₹12.50 लाख।

09 Jul 2026  |  1203

 

 

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मध्य प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक में राज्य के डिजिटल ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यावरण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर कई ऐतिहासिक एवं दूरगामी फैसलों पर मुहर लगाई गई है। सरकार ने डिजिटल क्रांति को बढ़ावा देने, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर करने और विस्थापित परिवारों को बड़ी राहत देने के उद्देश्य से करोड़ों रुपए के बजट प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

1. डिजिटल गवर्नेंस: ₹800 करोड़ से हाइटेक होगा 'स्टेट डेटा सेंटर'

मध्य प्रदेश सरकार अपनी ऑनलाइन नागरिक सेवाओं को अत्याधुनिक और पूरी तरह सुरक्षित बनाने जा रही है। इसके तहत कैबिनेट ने स्टेट डेटा सेंटर के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 800 करोड़ रुपये के विशाल बजट को स्वीकृति दी है।

आधुनिक तकनीकों का समावेश: इस डेटा सेंटर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों के अनुकूल अपग्रेड किया जाएगा। कुल बजट में से ₹630 करोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर और ₹170 करोड़ इसके संचालन पर खर्च होंगे। इससे नागरिकों को सरकारी ऑनलाइन सेवाएं 24 घंटे बिना किसी रुकावट के और तेज गति से मिल सकेंगी।

एकल नागरिक डेटाबेस (Single Citizen Database): इसके साथ ही 75 करोड़ रुपये के 'एकल नागरिक डेटाबेस प्रोजेक्ट' को भी मंजूरी दी गई है। इसके लागू होने के बाद प्रदेश की जनता को अलग-अलग सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।

2. स्वास्थ्य सेवा: सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी भर्ती

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों (Expert Doctors) के खाली पदों को जल्द से जल्द भरने के लिए कैबिनेट ने भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव किया है।

इंटरव्यू से तत्काल नियुक्ति, 3 साल तक नो ट्रांसफर: अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MP-PSC) के बजाय सीधे विभागीय स्तर पर की जाएगी। हर महीने खाली पदों का विज्ञापन निकाला जाएगा और इंटरव्यू के आधार पर सीधी नियुक्ति होगी। नियुक्त डॉक्टरों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे तीन साल तक उसी अस्पताल में अपनी सेवाएं दें, इस दौरान उनका ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। यह विशेष व्यवस्था फिलहाल एक वर्ष के लिए प्रभावी की गई है।

3. पर्यावरण सुधार: 'नमो हरित नगर योजना' से महकेंगे 65 शहर

पर्यावरण संरक्षण और शहरों में ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने 100 करोड़ रुपये की लागत वाली 'नमो हरित नगर योजना' को मंजूरी दी है।

इस योजना के तहत साल 2031 तक प्रदेश के 65 नगरीय निकायों में कुल 1911 हेक्टेयर से अधिक के क्षेत्र में 'अर्बन फॉरेस्ट' (शहरी वन) विकसित किए जाएंगे। इसके लिए हर साल ₹20 करोड़ का बजट आवंटित होगा, जिसमें भोपाल समेत पांच बड़े शहरों को ₹5-5 करोड़, अन्य नगर निगमों को ₹1.20 करोड़ और नगर परिषदों को ₹10-10 लाख की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

4. बड़ी राहत: केन-बेतवा परियोजना प्रभावितों का मुआवजा ढाई गुना बढ़ा

जल सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण केन-बेतवा, रूंज और मझगांव सिंचाई परियोजनाओं के कारण विस्थापित और प्रभावित होने वाले परिवारों के हक में सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बड़ा फैसला लिया है।

₹12.50 लाख हुआ मुआवजा: पन्ना जिले की इन परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए सरकार ने 202.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की है।

सरकार ने प्रभावित परिवारों को मिलने वाले मुआवजे की राशि को ₹5 लाख से बढ़ाकर सीधे 12.50 लाख रुपये प्रति परिवार कर दिया है, जिससे विस्थापितों के पुनर्वास में बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी।

कैबिनेट के इन चौतरफा फैसलों से साफ है कि मोहन यादव सरकार बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ आम जनता के कल्याण, स्वास्थ्य और पर्यावरण संतुलन को समान प्राथमिकता दे रही है।

अन्य खबरें