ट्रंप की हत्या की फिराक में ईरान! इजरायल के खुफिया इनपुट से पेंटागन में खलबली

वाशिंगटन से तेहरान तक बढ़ा बारूदी तनाव; क्या ट्रंप को युद्ध में धकेलने की है यह कोई नई बिसात?

10 Jul 2026  |  1035

 

 

वॉशिंगटन / यरूशलेम

मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इजरायल ने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) को एक नया और बेहद संवेदनशील खुफिया इनपुट सौंपा है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की हत्या की बड़ी साजिश रच रहा है। इस इनपुट के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच पहले से ही नाजुक दौर से गुजर रहा संघर्ष विराम समझौता अब पूरी तरह खटाई में पड़ता नजर आ रहा है।

अमेरिकी मीडिया आउटलेट 'सीएनएन' के मुताबिक, ईरान की इस कथित साजिश की चेतावनी इसी सप्ताह साझा की गई है। हालांकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को पिछले कुछ हफ्तों से ऐसी सुगबुगाहट मिल रही थी, लेकिन इजरायल से मिला यह ताजा इनपुट बेहद विशिष्ट और एक तय रणनीति से जुड़ा हुआ है।

फैसले बदलने की कोशिश या हकीकत?

पेंटागन को मिले इस इनपुट के बाद अमेरिकी गलियारों में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। हालांकि, कुछ वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने इस पर सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका मानना है कि यह खुफिया जानकारी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसलों को प्रभावित करने की एक इजरायली कोशिश भी हो सकती है। गौरतलब है कि ट्रंप इस समय इस कशमकश में हैं कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को और आक्रामक किया जाए या पिछले महीने हुए नाजुक संघर्ष विराम समझौते को ही आगे बढ़ाया जाए। फिलहाल, अमेरिका ने खुद इस विशिष्ट साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

'मैं उनकी हर लिस्ट में हूँ' – डोनल्ड ट्रंप

खुद राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी हाल ही में अपनी जान पर मंडरा रहे इस खतरे को स्वीकार किया है। अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से भावुक और गंभीर लहजे में बात करते हुए ट्रंप ने कहा:

"वे अमेरिकी नेता, यानी मुझे खत्म करना चाहते हैं। मैंने आज सुबह ही देखा कि मैं उनकी हर एक हिट-लिस्ट में शामिल हूँ। अब तक, मुझे लगता है कि मैं थोड़ा भाग्यशाली रहा हूँ, लेकिन शायद यह किस्मत बहुत लंबे समय तक साथ न दे।"

सुलेमानी और खामेनेई की मौत का बदला

ईरान और डोनल्ड ट्रंप के बीच की यह दुश्मनी नई नहीं है। ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिकी हमले में मारे गए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने की कसमें ईरान सालों से खा रहा है। हाल ही में, 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजरायल हमलों में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान का गुस्सा सातवें आसमान पर है। खामेनेई के जनाजे के दौरान भी ईरानी प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप की मौत के नारे लगाए और खुलेआम 'हम ट्रंप को मार देंगे' के बैनर लहराए।

ट्रंप और नेतन्याहू की बढ़ती नजदीकियां

इस नए घटनाक्रम के बीच अमेरिका और इजरायल के रिश्तों में एक नया मोड़ देखने को मिला है। कुछ समय पहले तक युद्ध को खींचने के मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए थे। नेतन्याहू जहां सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने के लिए युद्ध जारी रखना चाहते थे, वहीं ट्रंप वैश्विक अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान के चलते शांति का रास्ता तलाश रहे थे।

लेकिन गुरुवार को दोनों नेताओं के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद समीकरण बदलते दिख रहे हैं। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, वाशिंगटन और तेल अवीव अब ईरान के खिलाफ हर स्तर पर आपसी समन्वय बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं।

अब पूरी दुनिया की नजरें व्हाइट हाउस पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप इस खुफिया इनपुट के बाद ईरान के खिलाफ कोई बड़ा सैन्य कदम उठाएंगे, या कूटनीति के जरिए शांति का रास्ता साफ करेंगे।

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