राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका: पुराने चेक बाउंस केस में दोबारा जेल जाने का आदेश, कोर्ट ने कहा— 'आचरण भरोसे के लायक नहीं'

₹5 करोड़ के कर्ज से शुरू हुआ था विवाद, ₹9 करोड़ तक पहुंची देनदारी; कोर्ट की ओर से अंतरिम राहत वापस लेने के बाद बढ़ेगी मशहूर अभिनेता की मुश्किलें।

10 Jul 2026  |  1160

 

 

नई दिल्ली।

बॉलीवुड के दिग्गज और मशहूर कॉमेडी एक्टर राजपाल यादव की मुश्किलें एक बार फिर बेहद बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस के एक पुराने मामले में अभिनेता को तगड़ा झटका देते हुए उन्हें दोबारा जेल भेजने (सरेंडर करने) का कड़ा आदेश जारी किया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के रवैये पर सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि मामले के दौरान उनका आचरण संतोषजनक नहीं पाया गया और उनका व्यवहार भरोसे के योग्य नहीं रहा।

हाई कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) द्वारा राजपाल यादव को दोषी ठहराए जाने के फैसले को पूरी तरह बरकरार रखा है। इस आदेश के बाद से ही मनोरंजन जगत में भारी हलचल मच गई है।

क्या है 'अता पता लापता' से जुड़ा यह पूरा मामला?

राजपाल यादव का यह कानूनी विवाद साल 2010 में आई उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण से शुरू हुआ था।

₹5 करोड़ का कर्ज: फिल्म बनाने के लिए उन्होंने 'मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।

चेक बाउंस: फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई, जिसके कारण वह तय समय पर कर्ज नहीं लौटा सके। भुगतान के लिए उन्होंने जो चेक जारी किए, वे बैंक में बाउंस हो गए। इसके बाद उनके खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (परक्राम्य लिखत अधिनियम) की धारा 138 के तहत सात अलग-अलग मामले दर्ज किए गए।

ट्रायल कोर्ट से हाई कोर्ट तक का कानूनी सफर

2018 में सजा: साल 2018 में ट्रायल कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को इस मामले में 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में सेशन कोर्ट ने भी सही ठहराया था।

राहत और वादे: दिल्ली हाई कोर्ट ने शुरुआत में सजा पर अंतरिम रोक लगाते हुए अभिनेता को बकाया राशि चुकाने के कई मौके दिए। जून 2024 में हाई कोर्ट ने उन्हें करीब 9 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने के लिए ईमानदारी से प्रयास करने का निर्देश दिया था।

भरोसा टूटने पर कड़ा रुख: अदालत के मुताबिक, बार-बार आश्वासन देने के बावजूद राजपाल यादव भुगतान पूरा करने का अपना वादा नहीं निभा सके। इसी वजह से कोर्ट ने उनकी अंतरिम राहत को वापस ले लिया है।

"सर क्या करूं, पैसे नहीं हैं..."— भावुक हुए थे राजपाल

इससे पहले जब 2 फरवरी को कोर्ट ने उन्हें सरेंडर का आदेश दिया था, तब सरेंडर करने से ठीक पहले राजपाल यादव ने एक मीडिया पोर्टल से बातचीत में बेहद भावुक होकर कहा था, "सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। मुझे कोई और रास्ता नहीं दिख रहा।" इसके बाद उन्होंने आत्मसमर्पण किया था और उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया था।

इंडस्ट्री के सितारों ने बढ़ाया था मदद का हाथ

इस मुश्किल घड़ी में फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े कलाकार राजपाल यादव के समर्थन में आगे आए थे। अजय देवगन, सलमान खान, सोनू सूद और गुरमीत चौधरी जैसे सितारों ने उनकी आर्थिक मदद की थी। इसके अलावा कुछ गायकों और फिल्म निर्माताओं ने उन्हें अपनी आने वाली फिल्मों के लिए एडवांस पेमेंट दिया और काम भी ऑफर किया। इसी आर्थिक सहयोग और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद 16 फरवरी 2026 को उन्हें जमानत मिल सकी थी।

निष्कर्ष: जमानत मिलने के कुछ ही महीनों बाद कोर्ट का यह नया और कड़ा रुख राजपाल यादव के करियर और निजी जीवन के लिए एक बड़ा संकट बनकर आया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब अभिनेता को जल्द ही कानूनी प्रक्रियाओं के तहत दोबारा जेल जाना पड़ सकता है।

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