बांकीपुर उपचुनाव: 10 वीं पास अभिषेक बंटी के भरोसे क्या बांकीपुर का किला बचा पाएगी भाजपा? प्रशांत किशोर के सामने भाजपा का 'जमीनी कार्ड'

26 साल से संगठन में सक्रिय, पर न अपना घर और न जमीन; 10वीं पास अभिषेक बंटी के भरोसे क्या बांकीपुर का किला बचा पाएगी भाजपा? जानिए कितने अमीर और पढ़े-लिखे हैं उम्मीदवार अभिषेक बंटी

10 Jul 2026  |  1055

 

पटना।

बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव हर दिन के साथ बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की सियासी चुनौती के सामने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दांव खेला है। पार्टी ने किसी बड़े रसूखदार चेहरे के बजाय पिछले 26 वर्षों से संगठन के लिए दरी बिछाने वाले एक समर्पित और जमीनी कार्यकर्ता अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी को चुनावी मैदान में उतारा है।

अभिषेक बंटी के नाम की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गलियारों में उनकी सादगी, पढ़ाई-लिखाई और संपत्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। चुनावी हलफनामे (Affidavit) के अनुसार, भाजपा उम्मीदवार की प्रोफाइल और आर्थिक स्थिति बेहद साधारण है।

शून्य अचल संपत्ति: न अपना मकान, न एक इंच जमीन

41 वर्षीय भाजपा उम्मीदवार अभिषेक कुमार बंटी के हलफनामे की सबसे हैरान करने वाली बात उनकी अचल संपत्ति है। करोड़ों के चुनावी खर्च वाले इस दौर में भी अभिषेक बंटी के नाम पर कोई अचल संपत्ति नहीं है। उनके पास न तो खुद का कोई मकान है, न ही कोई कृषि योग्य भूमि या कमर्शियल प्रॉपर्टी। वे वर्तमान में पटना के वेस्ट आनंदपुरी स्थित मंदिर मार्ग के एक पते पर रहते हैं।

चल संपत्ति और गाड़ियों का विवरण

कुल चल संपत्ति: अभिषेक बंटी ने अपनी कुल चल संपत्ति लगभग 19.60 लाख रुपये घोषित की है। इसमें उनके पास मौजूद 11 ग्राम सोने की अंगूठी और एक चेन भी शामिल है।

वाहन: उनके पास साल 2018 में खरीदी गई एक होंडा कार और एक मोटरसाइकिल है। उनकी पत्नी के नाम पर कोई वाहन पंजीकृत नहीं है।

सालाना कमाई व कर्ज: पेशे से व्यवसायी अभिषेक बंटी की सालाना आय करीब 4.98 लाख रुपये है। वहीं, उन पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र का लगभग 10 लाख रुपये का लोन भी बकाया है।

शैक्षणिक योग्यता: सिर्फ 10वीं पास

उच्च शिक्षित उम्मीदवारों के दौर में अभिषेक बंटी की शैक्षणिक योग्यता भी बेहद सामान्य है। हलफनामे के मुताबिक, उनकी शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक (10वीं पास) है। हालांकि, पढ़ाई से ज्यादा उनकी ताकत उनका संगठनात्मक अनुभव है। उन्होंने छात्र राजनीति और बूथ स्तर से अपने करियर की शुरुआत की थी। वे मंडल अध्यक्ष, भाजयुमो पटना महानगर अध्यक्ष और वर्तमान में भाजयुमो बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे कई अहम पदों पर रहकर अपनी सांगठनिक क्षमता साबित कर चुके हैं।

नितिन नवीन की प्रतिष्ठा और भाजपा संगठन की साख दांव पर

बांकीपुर विधानसभा सीट को पारंपरिक रूप से भाजपा का एक अभेद्य गढ़ माना जाता है। इस सीट से वर्तमान भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक नितिन नवीन लगातार पांच बार विधानसभा पहुंचे हैं। लंबे समय तक अभिषेक बंटी ने ही नितिन नवीन के चुनाव मैनेजमेंट की पूरी जिम्मेदारी संभाली थी। अब नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई इस सीट पर पार्टी ने उन्हीं के वफादार चेहरे पर भरोसा जताया है।

संगठन बनाम प्रशांत किशोर:

यह चुनाव सिर्फ दो चेहरों की लड़ाई नहीं है। एक तरफ प्रशांत किशोर (जन सुराज) की नई राजनीतिक बिसात है, तो दूसरी तरफ भाजपा का दशकों पुराना सांगठनिक ढांचा। यदि अभिषेक बंटी यहाँ से जीत दर्ज करते हैं, तो यह नितिन नवीन की क्षेत्र में पकड़ और भाजपा के कैडर की बड़ी जीत मानी जाएगी। वहीं, दूसरी ओर कोई भी विपरीत नतीजा भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है।

निष्कर्ष: कायस्थ समाज से आने वाले अभिषेक बंटी की साफ-सुथरी और साधारण छवि बांकीपुर के मतदाताओं को कितनी प्रभावित कर पाती है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।

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