बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा उलटफेर: भाजपा ने ऐन वक्त पर बदला उम्मीदवार, अभिषेक बंटी की जगह ग्राउंड लीडर नीरज सिन्हा पर लगाया दांव

प्रशांत किशोर की 'जन सुराज' और राजद की चुनौती के बीच भाजपा का मास्टरस्ट्रोक; कायस्थ बहुल हाई-प्रोफाइल सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले ने बढ़ाई पटना की सियासी तपिश।

10 Jul 2026  |  774

 

 

पटना: बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। पार्टी ने पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार बंटी का नाम वापस होने के महज कुछ ही मिनटों के भीतर नए उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया। भाजपा ने इस बार किसी बड़े चेहरे के बजाय जमीनी स्तर पर काम करने वाले 32 वर्षीय युवा कार्यकर्ता नीरज कुमार सिन्हा को चुनावी मैदान में उतारा है।

यह सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसके बाद यहाँ उपचुनाव की घोषणा की गई। इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती 3 अगस्त को की जाएगी।

कौन हैं नीरज कुमार सिन्हा?

बांकीपुर से भाजपा के नए चेहरे नीरज कुमार सिन्हा भले ही उम्र में युवा हैं, लेकिन संगठन में उनका अनुभव काफी पुराना है।

जमीनी पकड़: नीरज पिछले दो दशकों से भाजपा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बूथ अध्यक्ष, मंडल महासचिव और भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष जैसे बुनियादी और संगठनात्मक पदों पर काम किया है।

पारिवारिक विरासत: नीरज सिन्हा एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसका नाता जनसंघ के जमाने से रहा है। उनके चाचा स्वर्गीय नरेंद्र भारती जनसंघ के सक्रिय नेता थे। वर्तमान में नीरज उसी 'नरेंद्र भारती मंडल' के अध्यक्ष के रूप में पार्टी की कमान संभाल रहे थे।

सामाजिक समीकरण: पटना के रहने वाले नीरज अविवाहित हैं और उन्होंने बीए (BA) तक शिक्षा प्राप्त की है। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बात यह है कि वह नितिन नवीन की तरह ही कायस्थ जाति से आते हैं, जिसका इस क्षेत्र में खासा प्रभाव है।

प्रशांत किशोर और राजद से होगी सीधी टक्कर

बांकीपुर का यह उपचुनाव महज एक सीट का मुकाबला नहीं, बल्कि बिहार की भावी राजनीति का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है। यहाँ मुख्य रूप से त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा:

पार्टीउम्मीदवारराजनीतिक ताकत/रणनीति
भाजपा (BJP)नीरज कुमार सिन्हाकैडर वोट, कायस्थ-वैश्य समीकरण और पारंपरिक गढ़।
जन सुराज पार्टीप्रशांत किशोर समर्थित उम्मीदवारविकास के नाम पर बदलाव और एनडीए सरकार के खिलाफ 'रेफरेंडम'।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD)रेखा गुप्ताविपक्ष का संयुक्त दांव और सामाजिक गोलबंदी।

 

बांकीपुर सीट का सियासी गणित और 'रेफरेंडम' का दांव

सेंट्रल पटना के अंतर्गत आने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट में करीब 4 लाख मतदाता हैं। शहरी मिजाज वाली इस सीट पर पारंपरिक रूप से कायस्थ और वैश्य समुदायों का मजबूत दबदबा रहा है, जिसे भाजपा का सुरक्षित गढ़ माना जाता रहा है।

सियासी हलचल: इस बार चुनावी समर बेहद दिलचस्प है क्योंकि जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने इस उपचुनाव को पूरी ताकत से लड़ने का फैसला किया है। प्रशांत किशोर इस चुनाव को बिहार की मौजूदा एनडीए सरकार के कामकाज पर एक बड़े “रेफरेंडम” (जनमत संग्रह) के तौर पर पेश कर रहे हैं। भाजपा और जन सुराज दोनों ने ही क्षेत्र में धुआंधार प्रचार अभियान शुरू कर दिया है, जिससे बांकीपुर की जंग बेहद कांटे की हो गई है।

अन्य खबरें