विशेष रिपोर्ट | दतिया/दिल्ली
दतिया/नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट से टिकट कटने के बाद उपजे भारी सियासी घमासान के बीच पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान सामने आया है। दतिया में समर्थकों द्वारा किए गए हिंसक विरोध प्रदर्शनों और नाराजगी के बीच नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को दिल्ली में भाजपा नेता नितिन नवीन से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बेहद सधे और अनुशासित अंदाज में कहा, "मैं किसी और को दोष नहीं दूंगा। कमी शायद मुझमें ही है, और मैं उस पर सोचूंगा।"
उन्होंने आगे जोड़ा, "मैं कभी परेशान नहीं था, न अब हूं, न कभी होऊंगा। बेफिक्र रहो, आशुतोष तिवारी ही जीतेंगे; नरोत्तम मिश्रा बीजेपी में पैदा हुए थे और बीजेपी में ही मरेंगे।"
पार्टी फोरम पर रखेंगे बात, उम्मीदवार के नामांकन में होंगे शामिल
नरोत्तम मिश्रा ने दिल्ली में पत्रकारों से चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि उनका कद पार्टी से बड़ा नहीं है और पार्टी किसी भी व्यक्ति से बहुत ऊपर होती है।
पार्टी के प्रति निष्ठा: पूर्व गृहमंत्री ने कहा, "मैंने अभी तक (शीर्ष नेतृत्व में) किसी से लंबी बात नहीं की है। मैंने मीटिंग के लिए समय मांगा है, लेकिन अभी समय नहीं मिला है। पार्टी फोरम में अपनी बात कहने का एक खास तरीका होता है, और मैं वैसा ही करूंगा। मुझे न तो कोई भरोसा दिया गया है और न ही मैंने कोई आश्वासन मांगा है। मैं एक सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर काम करता रहूंगा और दतिया से भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के नामांकन दाखिले में भी मौजूद रहूंगा।"
समर्थकों का भारी बवाल: एसपी सहित 8 पुलिसकर्मी घायल
गौरतलब है कि दतिया विधानसभा सीट पर आगामी 30 जुलाई को मतदान होना है। भाजपा द्वारा नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने से उनके समर्थक इस कदर भड़क गए कि दतिया की सड़कों पर संग्राम छिड़ गया।
नाराज समर्थकों ने न केवल चक्काजाम किया, बल्कि पुलिस बल पर पथराव भी कर दिया। इस हिंसक झड़प में जिले के पुलिस कप्तान (SP) समेत 8 पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालांकि, अब दावा किया जा रहा है कि नरोत्तम मिश्रा की समझाइश और अपील के बाद उनके समर्थक शांत हो गए हैं।
दतिया में धारा 163 लागू, 27 भाजपा नेताओं पर FIR
| दतिया में वर्तमान प्रशासनिक स्थिति |
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प्रतिबंधात्मक आदेश: शनिवार सुबह से ही प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने, बिना अनुमति के जुलूस निकालने, विरोध प्रदर्शन करने या सार्वजनिक कार्यक्रम करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कानूनी कार्रवाई: हिंसा और उपद्रव को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने इस मामले में 27 भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की है। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। |