राम मंदिर चढ़ावा विवाद: जयराम रमेश का पीएम मोदी पर तीखा हमला, पूछा— 'हर चीज का श्रेय लेने वाले प्रधानमंत्री अब मौन क्यों?'

कांग्रेस ने 'चंदा चोरी' को बताया आस्था से विश्वासघात; संसद सत्र में जवाब मांगने की तैयारी, देश भर के 26 शहरों में की प्रेस कॉन्फ्रेंस।

12 Jul 2026  |  839

 

 

विशेष रिपोर्ट | नई दिल्ली

नई दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर में मिले चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस विषय पर "चुप्पी" पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि देश "आस्था से इस विश्वासघात" के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को कभी माफ नहीं करेगा।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में इस मामले को 'चंदा चोरी' करार देते हुए लिखा, "भगवान श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण का खुलासा हुए आज एक माह बीत चुका है, पर हर चीज का श्रेय लेने वाले प्रधानमंत्री मोदी जवाबदेही के नाम पर मौन मोदी बने हुए हैं।"

कांग्रेस की बड़ी मांगें: सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच और फॉरेंसिक ऑडिट

कांग्रेस ने इस पूरे कथित घोटाले की तह तक जाने के लिए केंद्र सरकार के सामने अपनी मांगें स्पष्ट कर दी हैं। पार्टी ने मांग की है कि मामले को रफा-दफा करने के बजाय पारदर्शी कदम उठाए जाएं:

न्यायिक जांच: उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) की देखरेख में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए।

फॉरेंसिक ऑडिट: मंदिर में आए कुल चढ़ावे और उसके खातों का एक विस्तृत फॉरेंसिक ऑडिट (Forensic Audit) कराया जाए।

जवाबदेही और कार्रवाई: इस कथित हेराफेरी में शामिल दोषियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

"असली गुनाहगारों को बचा रही है राम द्रोही सरकार"

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने वालों की पोल अब हर रोज नए तथ्यों के साथ खुल रही है। उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल (SIT) को भी यह मानना पड़ रहा है कि चढ़ावे से रोजाना लाखों रुपये गायब हो रहे थे।

एसआईटी और एफआईआर महज दिखावा: जयराम रमेश ने कहा, "यह प्रकरण कुछ छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं हो सकता। इसके बावजूद सरकार असली गुनाहगारों को बचाने में लगी है। एसआईटी का गठन, एफआईआर और इस्तीफे केवल देशवासियों की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश हैं।"

चंपत राय और मंदिर न्यासियों पर उठाए सवाल

कांग्रेस महासचिव ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह से मामले को दबाने की सरकारी कोशिशें हो रही हैं, उससे साफ है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य मंदिर न्यासियों के पास कुछ गहरे राज हैं। यही कारण है कि मोदी सरकार उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और उनका दबदबा आज भी कायम है।

संसद के आगामी सत्र में घेराव की तैयारी, 26 जगहों पर पीसी

कांग्रेस की देशव्यापी रणनीति

देशव्यापी प्रेस कॉन्फ्रेंस: इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए कांग्रेस नेताओं ने देश भर में 26 प्रमुख स्थानों पर एक साथ संवाददाता सम्मेलन (प्रेस कॉन्फ्रेंस) किए।

संसद में घेराव: पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे को आसानी से शांत नहीं होने देगी। आगामी संसद सत्र में इस 'चढ़ावा हेराफेरी' के मुद्दे पर विपक्ष सीधे प्रधानमंत्री से जवाब मांगेगा। नेताओं का दावा है कि एसआईटी की रिपोर्ट बड़ी समस्या का महज एक छोटा सा हिस्सा है और असली रसूखदार लोग प्रधानमंत्री के संरक्षण के कारण खुलेआम घूम रहे हैं।

 

भाजपा का पलटवार: "दोषी बख्शे नहीं जाएंगे, विपक्ष कर रहा है बांटने की राजनीति"

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के इन चौतरफा हमलों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। भाजपा ने कहा है कि चढ़ावा चोरी के इस मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून अपना काम करेगा।

इसके साथ ही पलटवार करते हुए भाजपा ने आरोप लगाया कि जो विपक्षी दल कभी राम मंदिर के निर्माण के समर्थन में नहीं थे, वे अब हिंदुओं को आपस में बांटने और राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए इस संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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