महंगाई की मार: पाकिस्तान में आसमान छूता ईंधन, बेकाबू हुआ माल ढुलाई और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का किराया

ईरान-अमेरिका तनाव की आग में झुलसा पाकिस्तान; बच्चों के टिकट से लेकर ट्रेलरों के किराए तक, आम जनता की जेब पर चली दोहरी तलवार!

13 Jul 2026  |  1144

 

 

इस्लामाबाद / कराची

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा और सबसे घातक असर पड़ोसी देश पाकिस्तान पर पड़ा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध के हालातों ने वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में आग लगा दी है, जिसके चलते पाकिस्तान सरकार को देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है। पहले से ही कमरतोड़ महंगाई से जूझ रही पाकिस्तानी आवाम के लिए ईंधन के ये नए दाम एक बड़ी मुसीबत बनकर सामने आए हैं।

ईंधन की कीमतें बढ़ते ही देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई (लॉजिस्टिक्स) के किरायों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई है, जिससे आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है।

लोकल सफर हुआ बेहद महंगा

पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, तेल की कीमतें बढ़ने के तुरंत बाद ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने बढ़ी हुई दरों को लागू कर दिया है। ऑपरेटर्स का कहना है कि ईंधन की भारी लागत के कारण उनके पास इसके अलावा कोई चारा नहीं था।

न्यूनतम किराया 50 PKR: अब एक स्टॉप से दूसरे स्टॉप तक का न्यूनतम किराया बढ़ाकर 50 PKR (पाकिस्तानी रुपया) तय कर दिया गया है।

रावलपिंडी में हाहाकार: रावलपिंडी में लोकल ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने प्रति यात्री किराए में 20 PKR की बढ़ोतरी की है, जबकि आस-पास के इलाकों के लिए यह बढ़ोतरी 30 PKR तक है।

छोटे वाहनों पर भी असर: लोकल चिंगची रिक्शा, बाइक टैक्सी, मोटरसाइकिल और यहाँ तक कि सामान ढोने वाले लोडर रिक्शा ने भी अपना लोडिंग चार्ज 500 PKR तक बढ़ा दिया है।

बच्चों से भी वसूला जा रहा किराया, सामान पर अतिरिक्त शुल्क

मजबूरी और महंगाई का आलम यह है कि रावलपिंडी और मरी के बीच चलने वाली एसी कोच सेवाओं का किराया अब बढ़कर 700 PKR हो गया है। लंबी दूरी की बसों ने टिकट की कीमतों में प्रति यात्री 100 PKR से लेकर 250 PKR तक का इजाफा किया है।

क्रूर नियम: ट्रांसपोर्टरों ने अब यात्रियों के सामान के लिए अतिरिक्त शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं, मुनाफे की भरपाई के लिए ऑपरेटरों ने अब 8 साल या उससे अधिक उम्र के बच्चों से भी पूरा किराया लेना शुरू कर दिया है।

व्यापार जगत में बढ़ी चिंता, कराची से पेशावर तक 7 लाख पहुंचा भाड़ा

ईंधन की इस मार से सिर्फ आम मुसाफिर ही नहीं, बल्कि देश का पूरा व्यापार जगत भी थर्रा गया है। माल ढुलाई के दामों में आई इस तूफानी तेजी ने आने वाले दिनों में हर जरूरी चीज के महंगे होने का संकेत दे दिया है।

रूट / वाहन प्रकारकिराए में बढ़ोतरी / नया किराया (PKR)
कराची से पेशावर (ट्रेलर भाड़ा)7,00,000 PKR
लंबी दूरी की बसें100 से 250 PKR (प्रति सीट वृद्धि)
लोडर रिक्शा (लोडिंग चार्ज)500 PKR (सीधे वृद्धि)

 

कराची से पेशावर तक सामान ले जाने वाले ट्रेलरों का किराया बढ़कर अब सीधे 7,00,000 PKR के पार पहुंच गया है। इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तानी व्यापारियों में चौतरफा चिंता है। जानकारों का मानना है कि ट्रांसपोर्टेशन की यह लागत सीधे तौर पर खाने-पीने और रोजमर्रा की चीजों पर ट्रांसफर होगी, जिससे देश में महंगाई का एक नया और भयावह दौर शुरू हो सकता है।

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