बदरीनाथ धाम चढ़ावा घोटाला: हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल, देहरादून से गिरफ्तार; CCTV में नोटों की गड्डियाँ छिपाते आया था नजर

श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ करने वाला फरार कर्मचारी दबोचा गया; 25 जून की फुटेज ने खोली पोल, बीकेटीसी (BKTC) के अंदरूनी राज उगलवाएगी पुलिस।

13 Jul 2026  |  1116

 

 

चमोली / देहरादून

विश्वप्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान-राशि में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं (घोटाले) के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे मुख्य आरोपी और मंदिर कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को आखिरकार पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की एक विशेष टीम ने रविवार देर रात करीब 11 बजे उसे हिरासत में लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपी को सघन पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बदरीनाथ कार्यालय लेकर आ रही है।

CCTV फुटेज ने खोली पोल: कैमरे में कैद हुई नोटों की गड्डियाँ

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी के इस सनसनीखेज मामले में पुलिस की फॉरेंसिक और टेक्निकल जांच बेहद मजबूत साबित हो रही है। पुलिस ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) से आंतरिक जांच रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं।

पुलिस के अनुसार, बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना सामान्यतः 3 से 4 दिन के अंतराल पर की जाती है। इस सिलसिले में 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई को नोटों की गिनती हुई थी। जब पुलिस ने 25 जून की सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाला, तो उसमें आरोपी प्रमोद नौटियाल साफ तौर पर नोटों की गड्डी गायब कर अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दे रहा है।

चढ़ावा गणना कक्ष के 12 से अधिक लोग रडार पर

जांच का दायरा अब केवल प्रमोद नौटियाल तक सीमित नहीं है। पुलिस इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है:

साधु-संतों से भी पूछताछ: गत 2 जुलाई को हुई चढ़ावे की गणना के वक्त आरोपी के साथ कक्ष में 12 से अधिक लोग मौजूद थे। इनमें बीकेटीसी के कर्मचारियों के अलावा कुछ स्थानीय साधु-संत भी शामिल थे, जो अक्सर इस प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं।

बयान दर्ज: रविवार को पुलिस ने गणना के वक्त मौजूद सभी कर्मचारियों के आधिकारिक बयान दर्ज किए हैं।

बड़ा सवाल: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि जब सीसीटीवी में आरोपी साफ तौर पर नोटों की गड्डियाँ ले जाता दिख रहा था, तो रूम में मौजूद बाकी 12 लोगों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी? क्या इसमें कोई और भी भागीदार है?

निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का भरोसा

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आरोपी प्रमोद नौटियाल से मिलने वाले सुरागों के आधार पर इस घोटाले में शामिल अन्य संभावित चेहरों को बेनकाब किया जाएगा। पुलिस मंदिर के वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड, संबंधित दस्तावेज और खातों की भी बारीकी से पड़ताल कर रही है।

प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी, तथा आस्था के केंद्र में इस तरह की धोखाधड़ी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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