झारखंड के 14 लाख लाभार्थियों को बड़ी राहत: 4 महीने बाद फिर शुरू होगा आंगनबाड़ी केंद्रों से 'टेक होम राशन' का वितरण

गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और नौनिहालों की थाली में फिर लौटेगा पोषाहार; वित्त विभाग ने सशर्त दी मंजूरी, एजेंसियों को मिला 6 महीने का एक्सटेंशन।

13 Jul 2026  |  1079

 

 

रांची

झारखंड की गर्भवती महिलाओं, धात्री (स्तनपान कराने वाली) माताओं और कुपोषण की जद में आने वाले छोटे बच्चों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। पिछले चार महीनों से बंद पड़ी 'टेक होम राशन' (Take Home Ration) योजना राज्य में अगले महीने से दोबारा पटरी पर लौटने जा रही है। इस फैसले के लागू होते ही सूबे के करीब 14 लाख से अधिक लाभार्थी सीधे तौर पर पौष्टिक आहार की मुख्यधारा से जुड़ जाएंगे।

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को वित्त विभाग से वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। अब अंतिम मुहर के लिए इस प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है।

क्यों लगा था योजना पर 'ब्रेक'?

दरअसल, झारखंड में पोषाहार आपूर्ति के लिए पूर्व में चयनित एजेंसियों का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो गया था। समय रहते नई एजेंसियों के चयन के लिए न तो टेंडर प्रक्रिया पूरी हो पाई और न ही पुरानी कंपनियों का सेवा विस्तार किया गया। नतीजतन, अप्रैल महीने से पूरे राज्य में राशन का वितरण ठप पड़ा था। इस सुस्ती के कारण 6 माह से 3 वर्ष तक के मासूम बच्चे और माताएं पौष्टिक भोजन से वंचित चल रहे थे।

वित्त विभाग की सख्त शर्त: 6 महीने में पूरी करनी होगी टेंडर प्रक्रिया

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वित्त विभाग ने वर्तमान आपूर्ति व्यवस्था को हरी झंडी तो दे दी है, लेकिन विभाग के सामने एक सख्त शर्त भी रखी है:

सशर्त अवधि विस्तार: वर्तमान में आपूर्ति कर रही तीन पुरानी एजेंसियों को केवल छह महीने का एक्सटेंशन (अवधि विस्तार) दिया गया है।

नया टेंडर: विभाग को इन 6 महीनों के भीतर पारदर्शी तरीके से नए सिरे से टेंडर जारी कर नई एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।

तीन एजेंसियों के पास है 24 जिलों का जिम्मा

राज्य के सभी 24 जिलों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में तीन कंपनियों को 8-8 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है:

आदित्य फ्लोर लिमिटेड

कोटा दाल मिल

इंटर लिंक्स फूड्स प्राइवेट लिमिटेड

पोषाहार की थाली: क्या मिलता है 'टेक होम राशन' में?

'समेकित बाल विकास सेवा' (ICDS) के तहत बांटे जाने वाले इस राशन का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु कुपोषण को जड़ से खत्म करना और उनके पोषण स्तर में सुधार लाना है।

पोषाहार का मेन्यू: योजना के तहत लाभार्थियों को निर्धारित पोषण मानकों के अनुसार सूखा राशन या 'रेडी-टू-कुक' (पकने के लिए तैयार) मिश्रण के पैकेट दिए जाते हैं। इसमें मुख्य रूप से दाल, सोयाबीन और मूंगफली से तैयार की गई प्रोटीन-युक्त सूखी खाद्य सामग्रियां शामिल होती हैं, जो बच्चों और माताओं के शारीरिक विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।

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