झारखंड में शिक्षा क्रांति: 15 दिनों में सक्रिय होगा विश्वविद्यालय सेवा आयोग, 'माइनिंग से माइंड' की ओर बढ़ेंगे कदम

बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिए कड़े निर्देश; BIT सिंदरी को मिलेगा यूनिवर्सिटी का दर्जा, सभी विश्वविद्यालयों में बनेंगे CBT सेंटर

14 Jul 2026  |  789

 

 

रांची:

झारखंड की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और पूरी तरह रोजगारोन्मुख बनाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बेहद उच्चस्तरीय और निर्णायक बैठक की है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रगति के लिए एक नया विज़न देते हुए कहा कि झारखंड को अब 'माइनिंग से माइंड' (खनन से मेधा) की ओर ले जाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के सख्त निर्देश दिए हैं।

 15 दिनों का अल्टीमेटम: आयोग और अथॉरिटी होंगे सक्रिय

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की उच्च शिक्षा और कोचिंग व्यवस्था में सुधार के लिए दो बड़े फैसले लेते हुए 15 दिनों की समयसीमा तय की है:

झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग: अगले 15 दिनों के भीतर इस आयोग को पूरी तरह कार्यरत (सक्रिय) करने का निर्देश दिया गया है, ताकि उच्च शिक्षा में नियुक्तियों और अन्य प्रक्रियाओं में तेजी आए।

कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी: हायर एजुकेशन और रोजगारपरक कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर लगाम लगाने व निगरानी रखने के लिए इस अथॉरिटी को भी 15 दिनों में एक्टिव किया जाएगा।

 'गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' से पढ़ाई का सपना होगा पूरा

आर्थिक तंगी के कारण किसी भी होनहार छात्र की उच्च शिक्षा न रुके, इसके लिए गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (GSCC) योजना की विशेष समीक्षा की गई।

अब तक 2,888 पात्र विद्यार्थियों को ऋण स्वीकृत किया जा चुका है।

243 छात्र-छात्राओं को विभिन्न बैंकों के माध्यम से लगभग 64 करोड़ रुपये का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक जरूरतमंद छात्रों तक इसका लाभ पहुंचाया जाए।

 तकनीकी और आधुनिक शिक्षा के लिए बड़े नीतिगत फैसले

बैठक में झारखंड के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई ऐतिहासिक प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई:

BIT सिंदरी को नया मुकाम: राज्य के प्रतिष्ठित संस्थान BIT सिंदरी को यूनिटरी यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित करने पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। इसके लिए जल्द ही विधेयक लाया जाएगा और संस्थान का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन किया जाएगा।

विश्वविद्यालयों में CBT सेंटर: परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में पीपीपी (PPP) मॉडल पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

नौ जिलों में तकनीकी क्लस्टर: राज्य के नौ जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर विकसित करने की योजना पर काम तेज होगा।

 भविष्य की जरूरतों के हिसाब से बदलेंगे कोर्स

सरकारी पॉलिटेक्निक और तकनीकी संस्थानों में अब पारंपरिक ढर्रे से हटकर उद्योग जगत की आधुनिक मांग के अनुसार पढ़ाई होगी। मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित क्षेत्रों में रोजगारपरक पाठ्यक्रम (कोर्सेज) शुरू करने के निर्देश दिए हैं:

इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर फोकस:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, रोबोटिक्स और टेक्सटाइल डिजाइन।

इसके साथ ही, राज्य में युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए पहली बार शुरू किए गए 'झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल' की मुख्यमंत्री ने सराहना की और इसका दायरा बढ़ाने को कहा।

 डिजिटल लर्निंग और स्कॉलरशिप पर जोर

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में लाइव ऑनलाइन क्लास शुरू करने की तैयारी को तेज करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, राज्य की महत्वाकांक्षी छात्रवृत्ति योजनाओं जैसे— मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा विदेश छात्रवृत्ति और मानकी मुंडा छात्रवृत्ति का लाभ बिना किसी देरी के समय पर विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया है।

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