महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर भड़के राहुल गांधी: सरकार से पूछे तीन तीखे सवाल, कहा— 'सजा मेहनत करने वाले छात्र क्यों भुगतें?'

6 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में; राहुल गांधी बोले— 'दोषी आजाद घूम रहे हैं, 17 जुलाई को देहरादून में करूंगा बड़ी बात'

14 Jul 2026  |  1067

 

 

मुंबई/नई दिल्ली:

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले को लेकर देश में सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस गंभीर मुद्दे पर सोशल मीडिया के जरिए महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सीधे कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने परीक्षा रद्द होने के बाद अब तक नई तारीख घोषित न होने पर गहरी चिंता जताई है और प्रभावित छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई है।

6 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में: राहुल गांधी के सरकार से सीधे सवाल

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में परीक्षा प्रणाली की विफलता पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द हुए दो हफ्ते से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार और प्रशासन की तरफ से नई तारीखों को लेकर कोई सुगबुगाहट नहीं है।

उन्होंने सरकार के सामने तीन बड़ी मांगें रखते हुए कहा:

"मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, तीन चीजें आज ही बताइए— गलती संस्था की है, तो इसकी सजा देश के होने वाले शिक्षकों को क्यों मिल रही है? यह कोई इंसाफ नहीं है।"

 साल दर साल मेहनत, फीस और सफर... हासिल क्या हुआ? सिर्फ इंतजार!

राहुल गांधी ने देश के युवाओं के दर्द को साझा करते हुए लिखा:

भविष्य के निर्माता: "ये वो लोग हैं जिनके हाथों में देश का भविष्य सुरक्षित होना है। ये हमारे कार्यरत और होने वाले शिक्षक हैं।"

छात्रों का संघर्ष: "ये वही अभ्यर्थी हैं जिन्होंने साल दर साल दिन-रात एक करके तैयारी की, फॉर्म भरे, महंगी फीस दी और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक का सफर तय किया। आज वे बिना किसी जवाब और बिना किसी तारीख के सिर्फ इंतजार करने को मजबूर हैं।"

सिस्टम पर हमला: "पेपर लीक करने वाले मास्टरमाइंड आज भी खुलेआम घूम रहे हैं, पूरा सिस्टम खुद को बेदाग दिखा रहा है, और सजा सिर्फ उसे मिल रही है जिसने पूरी ईमानदारी से मेहनत की थी।"

उन्होंने मांग की है कि प्रभावित उम्मीदवारों को न्याय देने के लिए तत्काल नई परीक्षा तिथि की घोषणा की जाए, दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई हो, और इस विलंब के कारण प्रभावित छात्रों को सरकारी नौकरियों में उम्र सीमा में छूट (Age Relaxation) दी जाए।

 "17 जुलाई को देहरादून में होगी आर-पार की बात"

पेपर लीक के देशव्यापी संकट को रेखांकित करते हुए राहुल गांधी ने युवाओं से जुड़ने का एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह 17 जुलाई को देहरादून में युवाओं से मुलाकात करेंगे और पेपर लीक के इस बढ़ते राष्ट्रीय संकट पर विस्तार से बात करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब देश में एक "शिक्षा क्रांति" का समय आ गया है, जहां युवाओं को सिस्टम की नाकामी का शिकार न होना पड़े, बल्कि उनकी मेहनत का उचित फल मिले।

 जांच का दायरा: SIT खंगाल रही है राष्ट्रीय कनेक्शन

इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) मामले की तह तक जाने में जुटी हुई है। जांच से जुड़े अहम पहलू इस प्रकार हैं:

मास्टरमाइंड की तलाश: कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता और सोनूकुमार किशनलाल पर शिकंजा कसने के लिए SIT उनके वित्तीय (Financial) और डिजिटल लेन-देन को ट्रैक कर रही है।

कई राज्यों में फैला नेटवर्क: अधिकारियों के मुताबिक, इस पेपर लीक के तार केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं हैं। जांच में दिल्ली, आगरा, बिहार और हरियाणा में सक्रिय एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट और नेटवर्क के शामिल होने के पुख्ता संकेत मिले हैं।

फिलहाल, जांच जारी है लेकिन परीक्षा रद्द होने के कारण राज्य के करीब 6 लाख अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह अधर में लटकी हुई है, जिससे छात्रों में भारी असंतोष है।

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