महिला हॉकी में सनसनी: पूर्व कप्तान असुंता लाकड़ा के संगीन आरोपों पर खेल मंत्रालय सख्त, हॉकी इंडिया को दिए जांच के निर्देश

महासचिव भोला नाथ सिंह पर डराने-धमकाने और आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप; झारखंड की 31 महिला खिलाड़ियों ने भी खोली पोल; अब आंतरिक शिकायत समिति (ICC) करेगी जांच।

14 Jul 2026  |  958

 

 

नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी जगत से एक बेहद परेशान करने वाली और गंभीर खबर सामने आ रही है। पूर्व राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम की कप्तान असुंता लाकड़ा द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न, संस्थागत डराने-धमकाने और महिला खिलाड़ियों के उत्पीड़न के गंभीर आरोपों पर केंद्रीय खेल मंत्रालय ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। खेल मंत्रालय ने इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करते हुए हॉकी इंडिया को तुरंत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले को हॉकी इंडिया की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के समक्ष रखा जाए और जांच पूरी होने के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट मंत्रालय के साथ साझा की जाए।

खेल मंत्रालय का सख्त रुख और दिशा-निर्देश

मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, असुंता लाकड़ा ने 10 जुलाई 2026 को एक ईमेल भेजकर हॉकी से जुड़े गंभीर मामलों में यौन उत्पीड़न और महिला खिलाड़ियों के साथ हो रहे कथित अन्याय की स्वतंत्र जांच कराने की गुहार लगाई थी।

POSH एक्ट के तहत होगी जांच: खेल मंत्रालय ने हॉकी इंडिया से कहा है कि इन आरोपों पर 'कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013' (POSH Act) के तहत गठित आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के जरिए निष्पक्ष और उचित कार्रवाई की जाए।

समय-सीमा तय नहीं: हालांकि, मंत्रालय ने जांच को पूरा करने के लिए हॉकी इंडिया को कोई निश्चित समय-सीमा (डेडलाइन) नहीं दी है, लेकिन रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने को कहा है।

पूर्व कप्तान असुंता लाकड़ा ने लगाए ये संगीन आरोप

पूर्व कप्तान ने अपने शिकायत पत्र में हॉकी इंडिया के शीर्ष स्तर पर चल रहे प्रशासनिक ढर्रे पर गंभीर सवाल उठाए हैं:

महासचिव पर सीधा निशाना: असुंता लाकड़ा ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह पर खुद को डराने-धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के सीधे आरोप लगाए हैं।

आरोपियों को संरक्षण: उन्होंने दावा किया कि हॉकी संघ के भीतर यौन उत्पीड़न के आरोपियों को खुलकर संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि जो खिलाड़ी या कोच इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें ही प्रताड़ित किया जाता है और उन पर समझौता करने का दबाव बनाया जाता है।

झारखंड की 31 खिलाड़ियों की लिखित शिकायत: असुंता ने यह भी बड़ा खुलासा किया कि झारखंड की 31 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ियों ने महासचिव भोला नाथ सिंह के खिलाफ झारखंड सरकार को लिखित शिकायत दी है।

एकलव्य एकेडमी के कोच सुधीर गोला का मामला भी गरमाया

अपनी शिकायत में लाकड़ा ने रांची स्थित एकलव्य हॉकी अकादमी के कोच सुधीर गोला पर लगे यौन उत्पीड़न के पुराने मामलों का भी उल्लेख किया। बता दें कि महिला खिलाड़ियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप सामने आने के बाद सुधीर गोला को पद से हटा दिया गया था। असुंता लाकड़ा ने इस मामले की भी पूरी गहराई से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

खेल मंत्रालय से की गईं प्रमुख मांगें:

पूर्व कोच सुधीर गोला और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच कराई जाए।

देश में महिला हॉकी खिलाड़ियों की सुरक्षा और उनके सम्मान के लिए एक बेहद मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।

यौन उत्पीड़न या किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराने वाली खिलाड़ियों के खिलाफ किसी भी तरह की दमनकारी या प्रतिशोध की कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।

अब आगे क्या?

खेल मंत्रालय के कड़े आदेश के बाद अब गेंद हॉकी इंडिया के पाले में है। अब हॉकी इंडिया की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) इस मामले के सभी पहलुओं की जांच करेगी। खेल प्रेमियों और महिला खिलाड़ियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि खेल संघ अपने ही पदाधिकारियों पर लगे इन गंभीर आरोपों की जांच कितनी निष्पक्षता से करता है।

अन्य खबरें