एफबीआई की 'मोस्ट वांटेड' सूची में शामिल हुआ भारतीय गैंगस्टर नीतीश कौशल, जग्गू भगवानपुरिया गैंग पर अमेरिका का शिकंजा

"अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' का एक्शन; हत्या, अपहरण और ड्रग तस्करी के आरोपी पर फेडरल वारंट जारी"

15 Jul 2026  |  1261

 

 

वॉशिंगटन / नई दिल्ली:

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ एक बेहद बड़ी कार्रवाई की है। एफबीआई ने खतरनाक गैंगस्टर नीतीश कौशल को अपनी 'मोस्ट वांटेड' अपराधियों की सूची में शामिल कर लिया है। कौशल पर अमेरिका में हत्या, जबरन वसूली, अपहरण और ड्रग तस्करी जैसे बेहद गंभीर अपराधों में संलिप्त रहने का आरोप है। इस कदम के साथ ही अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियां भारत के कुख्यात 'भगवानपुरिया गैंग' के बेहद करीब पहुंच गई हैं।

भगवानपुरिया गैंग के लिए करता था हिंसा: FBI

एफबीआई द्वारा जारी बयान के मुताबिक, भारतीय नागरिक नीतीश कौशल ने कथित तौर पर 'जग्गू भगवानपुरिया ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप' के लिए अमेरिका में हिंसा की कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। इन वारदातों में अपहरण और बर्बर मारपीट जैसी घटनाएं शामिल हैं।

एफबीआई ने कौशल के बारे में चेतावनी देते हुए कहा:

"नीतीश कौशल को एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन में कथित तौर पर शामिल होने के लिए वांटेड घोषित किया गया है जो हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी, जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे खतरनाक अपराधों में लिप्त है।"

जांच एजेंसी ने चेतावनी दी है कि कौशल एक हथियारबंद, अत्यंत खतरनाक और भागने की फिराक में रहने वाला अपराधी है। एजेंसी ने दुनिया भर के लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें कौशल के ठिकाने के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी मिले, तो वे तुरंत स्थानीय एफबीआई कार्यालय, नजदीकी अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास (Consulate) से संपर्क करें।

पंजाब से कैलिफोर्निया तक फैला है अपराध का जाल

अमेरिकी जांचकर्ताओं के अनुसार, जग्गू भगवानपुरिया का यह संगठित आपराधिक समूह भारत के पंजाब राज्य से शुरू हुआ था, जो अब कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट समेत अमेरिका के कई अन्य हिस्सों और विदेशों में भी सक्रिय हो चुका है।

लॉस एंजिल्स में कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 25 जून को नीतीश कौशल के खिलाफ फेडरल अरेस्ट वारंट (Federal Arrest Warrant) जारी किया था। उस पर अमेरिकी कानून RICO (रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गनाइजेशन्स) के तहत आपराधिक साजिश रचने का संगीन आरोप लगाया गया है।

'ऑपरेशन हार्ड बॉल' से हिली सिंडिकेट की जड़ें

एफबीआई की यह बड़ी कार्रवाई 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' (Operation Hard Ball) के तहत की गई है। इस बहुराष्ट्रीय अभियान के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप के कई देशों में लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई से साफ जाहिर होता है कि भारत में जड़ें जमा चुके और विदेशों में पैर पसार रहे अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट्स को खत्म करने के लिए वैश्विक सुरक्षा एजेंसियां अब पूरी तरह से लामबंद हो चुकी हैं।

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