सीजफायर पूरी तरह टूटा: अमेरिका ने की ईरान की समुद्री नाकेबंदी, ट्रंप की 'पावर प्लांट' उड़ाने की धमकी

सीजफायर पूरी तरह टूटा; चौथे दिन भी बमबारी जारी, अमेरिका के लगातार चौथे दिन भीषण हमले, खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य बेसों पर पलटवार

15 Jul 2026  |  1062

 

 

वॉशिंगटन/तेहरान।

मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) से आ रही ताजा सुर्खियों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने की जो उम्मीदें दिखाई दे रही थीं, वे अब पूरी तरह धराशायी हो चुकी हैं। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) में दोनों महाशक्तियां एक बार फिर आमने-सामने हैं। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि पहले से लागू सीजफायर (युद्धविराम) पूरी तरह टूट गया है और दोनों ओर से विनाशकारी हमलों का दौर जारी है। इस बीच, ईरान संकट को लेकर अमेरिका और चीन भी आपस में भिड़ गए हैं और दोनों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

अमेरिका ने दोबारा की समुद्री नाकेबंदी, चौथे दिन भी बमबारी जारी

तनाव को चरम पर ले जाते हुए अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ सबसे सख्त कदम उठाया है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी (Naval Blockade) को फिर से लागू कर दिया है।

दबाव बनाने की रणनीति: अमेरिकी रक्षा मुख्यालय के अनुसार, यह नाकेबंदी इससे पहले अप्रैल से जून के बीच भी प्रभावी थी और अब ईरान को घुटनों पर लाने के लिए इसे दोबारा शुरू किया गया है।

सैन्य ठिकानों पर हमले: सीजफायर टूटने के बाद अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने लगातार चौथे दिन ईरान के कई प्रमुख सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की।

ईरान का अमेरिकी बेसों पर पलटवार; कुवैत-बहरीन में अलर्ट

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमला: ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि उनकी सेनाओं ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं, हालांकि स्वतंत्र सूत्रों से अभी इसकी पुष्टि होना बाकी है।

पड़ोसी देशों में खौफ: युद्ध की लपटों को अपने करीब आते देख अमेरिका के सहयोगी देशों—कुवैत और बहरीन—ने आपातकालीन कदम उठाते हुए अपने नागरिकों को संभावित खतरों के प्रति अत्यधिक सतर्क रहने की सख्त सलाह (Advisory) जारी की है।

डोनाल्ड ट्रंप की दोटूक: 'बातचीत की मेज पर आएं, वरना उड़ा देंगे पुल और बिजली संयंत्र'

इस भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक टीवी इंटरव्यू में ईरान को अब तक की सबसे खतरनाक चेतावनी दे डाली है। ट्रंप ने सीधे शब्दों में कहा:

"यदि तेहरान (ईरान सरकार) जल्द ही बातचीत की मेज पर वापस नहीं लौटता है, तो अगले सप्ताह अमेरिकी सेना ईरान के बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से उसके बड़े पुलों और बिजली संयंत्रों (Power Plants) को निशाना बनाकर उन्हें तबाह कर देगी।"

रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह चेतावनी युद्ध को और भड़काने के बजाय ईरान पर कूटनीतिक दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकती है।

ट्रंप का यू-टर्न: हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20% टैक्स का फैसला बदला

लगातार बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने एक पुराने और विवादित आर्थिक फैसले में बड़ा बदलाव भी किया है। उन्होंने घोषणा की है कि:

अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक (कमर्शियल) जहाजों पर लगाया जाने वाला 20 प्रतिशत शुल्क (फीस) नहीं वसूला जाएगा।

इसके बजाय, अमेरिका अब खाड़ी के देशों (Gulf Countries) द्वारा अमेरिकी सरजमीं पर किए जाने वाले भारी निवेश को प्राथमिकता देगा।

ट्रंप के इस कदम को वैश्विक व्यापारिक तनाव को कम करने और खाड़ी के मित्र देशों को अपने पाले में बनाए रखने की एक बड़ी आर्थिक और कूटनीतिक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। बहरहाल, हॉर्मुज की लहरों पर बारूद की गंध एक बार फिर गहरे वैश्विक संकट का संकेत दे रही है।

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