एमपी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल: राज्य मंत्री लखन पटेल से छीना पशुपालन विभाग, अब CM मोहन यादव संभालेंगे कमान

देर रात जारी हुई गजट अधिसूचना; मुख्यमंत्री के पास विभागों की संख्या बढ़कर हुई 11, लखन पटेल के पास बचा सिर्फ आनंद विभाग

15 Jul 2026  |  1151

 

 

भोपाल।

मध्य प्रदेश की सियासत से इस वक्त की एक बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक खबर सामने आ रही है। डॉ. मोहन यादव सरकार ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल के विभागों में बड़ा फेरबदल किया है। सरकार ने लखन पटेल से उनका बेहद महत्वपूर्ण 'पशुपालन एवं डेयरी विभाग' का प्रभार वापस ले लिया है। देर रात जारी की गई एक गजट अधिसूचना के अनुसार, अब यह विभाग सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नियंत्रण में रहेगा।

इस अचानक हुए बदलाव के बाद मंत्री लखन पटेल के पास अब केवल 'आनंद विभाग' (Department of Happiness) की ही जिम्मेदारी रह गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बने 11 विभागों के 'बॉस'

इस नए बदलाव के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास मौजूद विभागों की संख्या अब बढ़कर 11 हो गई है। राज्य के सबसे महत्वपूर्ण विभागों की कमान सीधे मुख्यमंत्री के हाथों में है।

वर्तमान में CM मोहन यादव के पास प्रमुख विभाग:

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD)

गृह विभाग

जेल विभाग

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन

जनसंपर्क विभाग

नर्मदा घाटी विकास विभाग

विमानन विभाग

खनिज साधन विभाग

लोक सेवा प्रबंधन

प्रवासी भारतीय विभाग

पशुपालन एवं डेयरी विभाग (नया जुड़ा)

राजनैतिक गलियारों में चर्चा तेज; लखन पटेल बोले- 'यह CM का विशेषाधिकार'

देर रात अचानक जारी हुई इस अधिसूचना के बाद मध्य प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में कयासों का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, सरकार की ओर से इस फेरबदल के पीछे का कोई आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।

इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य मंत्री लखन पटेल ने बेहद सधे हुए अंदाज में कहा:

"विभागों का आवंटन करना या उन्हें वापस लेना पूरी तरह से माननीय मुख्यमंत्री जी का विशेषाधिकार है। मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि मुझसे यह विभाग क्यों वापस लिया गया है, लेकिन मुख्यमंत्री जी का जो भी निर्णय है, वह सर्वोपरि है।"

बैंकिंग सेवा से मंत्री पद तक: ऐसा रहा लखन पटेल का सफर

राजनीति के मैदान में उतरने से पहले लखन पटेल बैंकिंग क्षेत्र में एक सरकारी नौकरी करते थे। उनका राजनीतिक सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है:

2013 (पहली जीत): बीजेपी ने उन्हें दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से पहली बार उम्मीदवार बनाया, जहां वे जीतकर विधानसभा पहुंचे।

2018 (हार): इस चुनाव में उन्हें बसपा (BSP) की कद्दावर नेता रामबाई से नजदीकी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।

2023 (जबरदस्त वापसी): उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में पथरिया सीट पर फिर से शानदार जीत दर्ज की, जिसके बाद उन्हें मोहन यादव कैबिनेट में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शामिल किया गया था।

मुख्यमंत्री के इस कड़े फैसले के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और आगामी सांगठनिक समीकरणों पर इसका क्या असर पड़ता है।

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