रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र से एक बड़ी राजनीतिक और नीतिगत खबर सामने आ रही है। सूबे की विष्णुदेव साय सरकार केंद्र की मोदी सरकार के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए सदन में एक विशेष धन्यवाद प्रस्ताव लाने जा रही है। यह प्रस्ताव राज्य के साथ-साथ पूरे देश से नक्सलवाद के ऐतिहासिक खात्मे और बस्तर में अमन-चैन की बहाली के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना करने के लिए लाया जा रहा है।
'डबल इंजन सरकार में हुआ असंभव काम' — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुद इस ऐतिहासिक कदम की जानकारी देते हुए केंद्र सरकार की जमकर तारीफ की।
नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा: सीएम साय ने कहा, "देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार ने वह काम कर दिखाया है जो कभी असंभव सा लगता था। छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो चुका है। इस अभूतपूर्व सफलता के लिए हमारी सरकार विधानसभा में एक धन्यवाद प्रस्ताव पारित करेगी।"
नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के माथे पर कलंक था: डिप्टी सीएम अरुण साव
इस धन्यवाद प्रस्ताव की महत्ता को रेखांकित करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भावुक और कड़े शब्दों में नक्सलवाद के दौर को याद किया।
"नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के माथे पर एक काले दाग की तरह था, जिसने दशकों तक बस्तर के विकास को रोके रखा। एक समय हमारा सरगुजा और बस्तर दोनों इस दंश से पीड़ित थे। हमारी सरकार ने पहले सरगुजा को नक्सल मुक्त किया और अब बस्तर भी पूरी तरह लाल आतंक से आजाद हो चुका है।"
डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर के आदिवासियों ने सालों तक असहनीय दुख झेले हैं; लोगों के घर जलाए गए और मासूम बेटे-बेटियों पर अत्याचार ढाए गए। आज बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरा देश इस आतंक से मुक्त हुआ है।
विपक्ष पर बरसे डिप्टी सीएम: 'कांग्रेस का नक्सलवाद प्रेम झलका'
धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने मुख्य विपक्षी दल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
चर्चा से गायब है कांग्रेस: जब बस्तर में शांति और विकास की नई सुबह हो रही है, तब धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस की अनुपस्थिति यह दर्शाती है कि उन्हें इस शांति से कितनी तकलीफ है।
हिड़मा को रोल मॉडल बताने पर घेरा: साव ने आरोप लगाया कि हाल ही में कांग्रेस के एक विधायक ने कुख्यात नक्सली हिड़मा को 'रोल मॉडल' बताया था। इससे साफ है कि कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि बस्तर से नक्सलवाद खत्म हो। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की शुरुआत कांग्रेस के ही शासनकाल में हुई थी।
लोकतंत्र की पाठशाला: सदन की कार्यवाही देखने पहुंचे भिलाई के छात्र
इस सियासी गहमागहमी के बीच, सत्र के दूसरे दिन विधानसभा परिसर में एक बेहद खूबसूरत नजारा भी देखने को मिला। भिलाई के एक नामी स्कूल के कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राएं शैक्षणिक भ्रमण (Educational Tour) के तहत विधानसभा पहुंचे थे।
दर्शक दीर्घा से देखी कार्यवाही: विद्यार्थियों ने दर्शक दीर्घा (Visitors' Gallery) में बैठकर प्रश्नकाल और सदन की लाइव कार्यवाही को देखा और संसदीय परंपराओं को करीब से समझा।
सीएम का छात्रों से आत्मीय संवाद: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इन युवा छात्रों से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा, "आप सभी विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के भविष्य के निर्माता हैं। लोकतंत्र सिर्फ वोट देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता की आकांक्षाओं को सदन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाने और जनहित में कानून बनाने की एक जीवंत प्रक्रिया है।"