ममता बनर्जी का बड़ा हमला: "हमें जबरदस्ती हराया गया, समझौता कर लेती तो आज यह सब नहीं झेलना पड़ता",'जमीर नहीं बेचूंगी, गद्दारों के दम पर चल रही भाजपा

पूर्व मुख्यमंत्री ने शुभेंदु सरकार और भाजपा पर साधा निशाना; बोलीं– 'जमीर नहीं बेचूंगी, गद्दारों के दम पर चल रही भाजपा; पुलिस कर रही एजेंट की तरह काम।'

15 Jul 2026  |  805

 

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने बुधवार को राज्य की वर्तमान शुभेंदु सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ चौतरफा हमला बोला है। एक बेहद आक्रामक बयान में ममता बनर्जी ने कहा कि पिछले करीब दो महीनों में बंगाल की समृद्ध संस्कृति और सामाजिक सौहार्द को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने चुनावों का जिक्र करते हुए बड़ा दावा किया कि उनकी पार्टी को जबरदस्ती हराया गया है और एक न एक दिन यह सच सबके सामने साबित होकर रहेगा।

"मैंने अपना जमीर नहीं बेचा" — पाला बदलने वालों को घेरा

ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं और विपक्ष की ओर से बनाए जा रहे दबाव पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:

"अगर मैंने समझौता किया होता, तो आज हमें यह सब नहीं झेलना पड़ता। लेकिन मैं अपना जमीर बेचने वालों में से नहीं हूँ। मुझे उन मतदाताओं के लिए बेहद दुख होता है जिन्होंने टीएमसी के चुनाव चिह्न पर भरोसा करके वोट दिया था। लेकिन जो लोग आज पाला बदल रहे हैं, वे हमारी पार्टी पर सिर्फ एक बोझ थे।"

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के पास खुद के संगठन की भारी कमी है, यही वजह है कि उन्होंने टीएमसी के कुछ ‘गद्दारों’ को डरा-धमकाकर अपने पाले में शामिल किया है।

पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का लगाया आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:

"मैं पुलिस प्रशासन का सम्मान करती हूं, लेकिन आज वे भाजपा के कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रहे हैं। हमारे नेताओं को लगातार धमकियां दी जा रही हैं कि या तो वे भाजपा में शामिल हो जाएं या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहें।"

उन्होंने आरोप लगाया कि डर का माहौल पैदा करके जबरन नगर पालिकाओं को भंग किया जा रहा है और जिला परिषदों व पंचायतों पर कब्जा किया जा रहा है। ममता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब भाजपा केंद्र की सत्ता से बाहर होगी, तो यही डर उनके पतन का सबसे बड़ा कारण बनेगा।

जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करने पर घेरा

ममता बनर्जी ने राज्य की वर्तमान सरकार पर गरीबों और छात्रों के हक पर डाका डालने का आरोप लगाया।

'लक्ष्मी भंडार' योजना पर प्रहार: उन्होंने दावा किया कि डिजिटल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टीएमसी सरकार की सबसे लोकप्रिय 'लक्ष्मी भंडार' योजना से लगभग 1.5 करोड़ लाभार्थियों के नाम हटा दिए गए हैं

मिड-डे मील से अंडा गायब: उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार टीएमसी की जनहित योजनाओं को बंद कर रही है। स्कूलों में छात्र भूखे रहने को मजबूर हैं क्योंकि राज्य सरकार ने मिड-डे मील के लंच मेन्यू से अंडे हटा दिए हैं। उन्होंने सरकार से छात्रों के पोषण और मेन्यू पर तुरंत ध्यान देने की मांग की।

अभिषेक बनर्जी पर खुलकर बोलीं ममता– "वह शेर की तरह लड़ता है"

बागी टीएमसी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए ममता बनर्जी ने पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा:

"आज कुछ बागियों को अभिषेक 'बहुत बुरे' लग रहे हैं। क्या वे भूल गए कि कैसे उनकी पत्नी अपने छोटे बच्चों के साथ सीबीआई के सामने पेश हुई थीं? अगर अभिषेक चाहते, तो वे भी किसी समझौते के तहत राहत पा सकते थे। लेकिन उन्होंने संघर्ष का रास्ता चुना। अगर उनसे कोई गलती हुई भी, तो उन्होंने खुद को साबित किया क्योंकि वह शेर की तरह लड़ना जानते हैं।"

ममता बनर्जी के इस तीखे बयान के बाद बंगाल के राजनीतिक गलियारों में गरमाहट बढ़ गई है। टीएमसी प्रमुख के इन गंभीर आरोपों पर अब सत्ताधारी दल के पलटवार का इंतजार है।

वही पश्चिम बंगाल की सत्ता गंवाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मची भगदड़ के बीच ममता बनर्जी को अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। उनके सबसे भरोसेमंद और बेहद करीबी सहयोगियों में शुमार कद्दावर नेता मदन मित्रा ने टीएमसी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है और बागी खेमे का दामन थाम लिया है। मदन मित्रा का यह कदम टीएमसी के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक नुकसान माना जा रहा है।

"मैं TMC का नहीं, बंगाल का विधायक हूँ" — मदन मित्रा का बागी सुर

पार्टी छोड़ने की घोषणा करते हुए मदन मित्रा के तेवर बेहद तल्ख नजर आए। उन्होंने साफ किया कि अब उनका टीएमसी से कोई नाता नहीं रह गया है। मदन मित्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा:

"मैंने तृणमूल के लिए अपना सब कुछ छोड़ दिया है, जिसका सीधा मतलब है कि अब मैं पार्टी का विधायक नहीं हूँ। मैं केवल बंगाल का विधायक हूँ। मैंने अपने सभी संगठनात्मक पद छोड़ दिए हैं। मैं बस (राजनीति के) एक घर से दूसरे घर गया हूँ।"

"एक व्यक्ति के कारण बर्बाद हुई 213 सीटों वाली पार्टी"

ममता बनर्जी के नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए मित्रा ने गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब बंगाल के राजनीतिक इतिहास का यह दौर लिखा जाएगा, तो बेहद दुख के साथ लिखा जाएगा कि कैसे 213 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल करने वाली पूरी पार्टी सिर्फ एक व्यक्ति की जिद और फैसलों के कारण बर्बाद हो गई।

जब उनसे आगामी 21 जुलाई (टीएमसी के पारंपरिक शहीद दिवस) पर उनकी उपस्थिति को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने रहस्यमयी अंदाज में कहा कि देश की सभी राजनीतिक पार्टियों की विचारधारा और नक्शे पर 'AITC' लिखा है, और अब इसके दो हिस्से हो चुके हैं।

इस्तीफे की टाइमिंग पर उठे सवाल: ED की कार्रवाई और पाला बदल

मदन मित्रा के इस इस्तीफे की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है। दरअसल, यह घटनाक्रम केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बड़ी कार्रवाई के तुरंत बाद सामने आया है।

13-14 जुलाई: ED ने बंगाल म्युनिसिपल भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में मदन मित्रा की पत्नी और उनके दो बेटों को समन जारी किया।

15 जुलाई: ठीक अगले ही दिन मदन मित्रा ने टीएमसी से अपने सारे रिश्ते तोड़ते हुए बागी गुट का हाथ थाम लिया। विपक्ष इस टाइमिंग को लेकर मदन मित्रा पर दबाव में पाला बदलने के आरोप भी लगा रहा है।

"ममता बनर्जी का सम्मान करता हूँ, लेकिन..."

अपने इस्तीफे के वक्त मदन मित्रा ने ममता बनर्जी के प्रति व्यक्तिगत सम्मान जताते हुए कहा:

"मैं ममता बनर्जी का सम्मान करता हूँ और उन्हें धन्यवाद देता हूँ। वह एक लंबे समय तक हमारे साथ रही हैं और हमने भी पार्टी के लिए अपनी ओर से योगदान देने की पूरी कोशिश की है। लेकिन इसी क्षण से मैं ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की नेशनल कमेटी, वर्किंग कमेटी और पार्टी के जनरल सेक्रेटरी के सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूँ। मैं जमीनी स्तर का नेता था और जमीन पर ही रहूँगा।"

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन और केंद्रीय एजेंसियों की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच मदन मित्रा जैसे कद्दावर जमीनी नेता का जाना ममता बनर्जी के बचे-खुचे कुनबे के लिए एक अत्यंत गंभीर और दूरगामी झटका साबित होने वाला है।

अन्य खबरें