सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, कहा- 'हर नागरिक की जिंदगी कीमती, सरकार करे दैनिक मेडिकल जांच'

जंतर-मंतर पर 19 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता की सेहत पर HC ने जताई चिंता; सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के सकारात्मक रुख की सराहना।

16 Jul 2026  |  1193

 

 

नई दिल्ली,

दिल्ली हाई कोर्ट ने जंतर-मंतर पर पिछले 19 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने केंद्र सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि वांगचुक की सेहत पर लगातार नजर रखी जाए और सरकारी डॉक्टरों द्वारा रोजाना उनकी मेडिकल जांच की जाए।

'नागरिक का जीवन अनमोल, सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी'

मानव जीवन के महत्व को सर्वोपरि बताते हुए हाई कोर्ट ने अपने आदेश में एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा:

"हमारा मानना ​​है कि किसी भी नागरिक की जिंदगी बेहद मूल्यवान और कीमती है। उसे बचाने के लिए सरकारी अधिकारियों को हर संभव कोशिश और प्रयास करने चाहिए। जीवन की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।"

कोर्ट में केंद्र सरकार का पक्ष और SG के रुख की सराहना

सुनवाई के दौरान केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया कि सरकार को वांगचुक की नियमित मेडिकल जांच करने में कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने बताया कि वांगचुक का रोजाना स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और उनकी मेडिकल रिपोर्ट व जरूरी स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां साझा की जा रही हैं। कई बार सरकारी डॉक्टरों के साथ-साथ निजी डॉक्टर भी उनकी जांच कर रहे हैं।

अदालत ने इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के सकारात्मक और संवेदनशील रुख की जमकर सराहना की।

हाई कोर्ट के प्रमुख निर्देश:

दैनिक क्लीनिकल मॉनिटरिंग: सरकारी डॉक्टरों की टीम रोजाना सोनम वांगचुक की क्लीनिकल मॉनिटरिंग करेगी।

तत्काल मेडिकल हस्तक्षेप: यदि डॉक्टरों की रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के इलाज या मेडिकल हस्तक्षेप की आवश्यकता दिखती है, तो सरकार को बिना किसी देरी के तुरंत आवश्यक कदम उठाने होंगे।

चिकित्सीय सहायता: वांगचुक की मेडिकल स्थिति के आधार पर जो भी चिकित्सीय मदद जरूरी हो, वह तुरंत मुहैया कराई जाए।

NEET UG विवाद से जुड़ा आंदोलन

सोनम वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तब से लगातार भूख हड़ताल पर हैं। यह विरोध प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा NEET UG परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ पिछले 25 से अधिक दिनों से चलाया जा रहा है। वांगचुक की सेहत बिगड़ने की आशंका के बीच हाई कोर्ट का यह आदेश बेहद अहम माना जा रहा है।

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