झारखंड में बुनियादी ढांचे का कायाकल्प: सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा निर्देश, सड़कों-पुलों की परियोजनाओं के लिए जियो-टैगिंग अनिवार्य

विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए बनेगा डिजिटल डेटाबेस; गड्ढों, जलजमाव और लंबित परियोजनाओं पर मुख्यमंत्री ने दिखाई सख्ती।

16 Jul 2026  |  1249

 

 

रांची, 

झारखंड में बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने और सड़कों व पुलों के जाल को विस्तार देने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पथ निर्माण विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में साफ किया कि सड़कों और पुलों के आधुनिक विस्तार से ही झारखंड के विकास को नई गति मिलेगी। कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी परियोजनाओं का सुव्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने और उनकी जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) को अनिवार्य करने का निर्देश दिया है।

जियो-टैगिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता, रुकेगी लेती-लतीफी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर परियोजना की वर्तमान स्थिति, कुल लागत, समय-सीमा और प्रगति का एक स्पष्ट डिजिटल विवरण उपलब्ध होना चाहिए।

जियो-टैगिंग के फायदे:

प्रभावी निगरानी: मुख्यालय से ही हर निर्माण कार्य की जमीनी हकीकत पर नजर रखी जा सकेगी।

पारदर्शिता में सुधार: कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति में कोई हेरफेर नहीं हो सकेगा।

त्वरित समाधान: परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं और तकनीकी समस्याओं की समय पर पहचान कर शिकायतों का तुरंत निपटारा किया जाएगा।

लंबित कार्यों को समय सीमा में पूरा करने की चेतावनी

बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों ने पिछले पांच वर्षों की कार्य योजनाओं, निर्माणाधीन तथा पूर्ण हो चुके फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और सड़कों की विस्तृत प्रस्तुति (Presentation) दी। मुख्यमंत्री ने इन रिपोर्टों का बारीकी से अवलोकन करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

गड्ढे, जलजमाव और खराब सड़कों पर 'मिशन मोड' में कार्रवाई

वर्षा ऋतु (Monsoon) को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने आम जनता को होने वाली परेशानियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से उन्हें सड़कों की खराब स्थिति, गड्ढों और जलजमाव की शिकायतें मिल रही हैं।

सीएम ने अधिकारियों को इन बिंदुओं पर प्राथमिकता से काम करने को कहा:

सड़कों की मरम्मत: बारिश के मौसम में बने गड्ढों को तुरंत भरा जाए।

जल निकासी: सड़कों पर पानी जमा न हो, इसके लिए समुचित ड्रेनेज व्यवस्था की जाए।

सड़कों का चौड़ीकरण: संकीर्ण (तंग) मार्गों को चौड़ा और सुदृढ़ बनाया जाए ताकि ट्रैफिक की समस्या से निजात मिले।

राजधानी रांची सहित नवीन परियोजनाओं पर विशेष ध्यान

हेमंत सोरेन ने राजधानी रांची सहित राज्य के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों की बड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर बल दिया। इसके साथ ही, राज्य में शुरू होने जा रहे सोलर साइकिल ट्रैक एवं अन्य नवीन (नवाचार) प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करते हुए उन्होंने गुणवत्ता और मजबूती से समझौता न करने की हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिया कि पुल-पुलियों के किनारों को मजबूत किया जाए और निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता मानकों (High Quality Standards) का कड़ाई से पालन हो।

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