आसमान से जमीन तक अभेद्य 'चक्रव्यूह': ट्रंप को मारने की ईरानी साजिश और अमेरिका का 'सुपर सिक्योरिटी कवच'

जंग के बीच ट्रंप को खत्म करने की रची जा रही साजिश; लेकिन दुनिया के सबसे ताकतवर राष्ट्रपति की सुरक्षा भेद पाना नामुमकिन!

16 Jul 2026  |  1278

 

 

वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की चिंगारी एक बार फिर सुलग उठी है। सीजफायर और शांति समझौते की तमाम कोशिशों के बीच दोनों देशों की ओर से मिसाइलें और बम बरसाए जा रहे हैं। इस भीषण सैन्य तनाव के बीच एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान अब सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है।

ईरान की ‘इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) और वहां के संगठन अलग-अलग तरीकों से यह संदेश दे रहे हैं कि ट्रंप उनकी 'हिट लिस्ट' में सबसे ऊपर हैं। हाल ही में तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर पर ताबूत में लेटे ट्रंप की तस्वीरें लहराई गईं, जिस पर सीधे तौर पर उन्हें जान से मारने की धमकियां लिखी थीं। हालांकि, दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति को निशाना बनाना ईरान के लिए केवल एक हसीन सपना ही साबित होने वाला है, क्योंकि ट्रंप की सुरक्षा में ऐसा 'लोहे का कवच' तैनात है जिसे भेदना लगभग नामुमकिन है।

प्रतिशोध की आग: क्यों ट्रंप के खून का प्यासा है ईरान?

यह दुश्मनी और प्रतिशोध की आग आज की नहीं है। साल 2020 में ट्रंप के आदेश पर ईरान के सबसे ताकतवर सैन्य जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया गया था। उसके बाद से ही ईरान लगातार बदले की बात कर रहा है।

हालिया जंग में भी अमेरिका ने ईरान के कई शीर्ष मिलिट्री कमांडरों और रणनीतिक चेहरों को निशाना बनाया है। हाल ही में इस बात की खुफिया रिपोर्ट भी आई थी कि ईरान की संसद में ट्रंप को निशाना बनाने को लेकर बाकायदा बिल और फंडिंग पर चर्चा हुई है। इजरायली खुफिया एजेंसियों ने भी अमेरिका को ईरान की इस नई और 'बेहद विशिष्ट' साजिश के बारे में अलर्ट जारी किया है।

अभेद किला: कैसी होती है अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा?

डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाली 'सीक्रेट सर्विस' ने मौजूदा खतरों को देखते हुए सुरक्षा के स्तर को कई गुना बढ़ा दिया है:

1. सीक्रेट सर्विस का अभेद्य घेरा

दुनिया की सबसे अत्याधुनिक और खतरनाक सिक्योरिटी एजेंसी 'यूएस सीक्रेट सर्विस' चौबीसों घंटे राष्ट्रपति के चारों ओर एक साये की तरह तैनात रहती है।

2. बुलेटप्रूफ दीवार और चलते-फिरते कमांड पोस्ट

जब भी राष्ट्रपति किसी खुले मैदान या मंच से भाषण देते हैं, तो उनके पोडियम के आगे और पीछे एक विशाल बुलेटप्रूफ शीशे (Bulletproof Glass) की दीवार खड़ी की जाती है। इसके अलावा चलते-फिरते मोबाइल कमांड पोस्ट उनके हर मूवमेंट पर नजर रखते हैं।

3. 'द बीस्ट' (The Beast) - पहियों पर चलता किला

अमेरिकी राष्ट्रपति जिस कार से सफर करते हैं, उसे 'द बीस्ट' कहा जाता है।

यह कार पूरी तरह बुलेटप्रूफ और बम-प्रूफ है।

इस पर केमिकल अटैक और रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) के हमलों का भी कोई असर नहीं होता।

इसके टायर पंचर होने के बावजूद यह गाड़ी मील दूर तक भाग सकती है।

इसमें हमेशा राष्ट्रपति के ब्लड ग्रुप का खून सुरक्षित रखा रहता है।

4. एंटी-ड्रोन तकनीक और स्नाइपर टीम

राष्ट्रपति के किसी भी कार्यक्रम स्थल की छतों पर बेहद सटीक निशाना लगाने वाले 'काउंटर स्नाइपर्स' तैनात होते हैं, जो पलक झपकते ही किसी भी शूटर को ढेर कर सकते हैं। इसके अलावा हवा में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या रिमोट-कंट्रोल ड्रोन को हवा में ही मार गिराने के लिए मिलिट्री-ग्रेड एंटी-ड्रोन सिस्टम काम करता है।

5. एयरफोर्स वन (Airforce One) - आसमान का सिकंदर

हवा में सफर के दौरान राष्ट्रपति का विमान 'एयरफोर्स वन' एक उड़ता हुआ अभेद्य किला बन जाता है।

यह विमान किसी परमाणु हमले के बाद उत्पन्न होने वाले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) को भी आसानी से झेल सकता है।

इसमें हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है।

सुरक्षा कारणों से हाल ही में ट्रंप के विदेशी दौरों के दौरान उनके विमानों को ऐन वक्त पर बदला भी गया है ताकि किसी को उनके रूट की भनक न लगे।

अमेरिका की दोटूक चेतावनी

ईरान के इन हमलों और सोशल मीडिया पर दी जा रही धमकियों को ट्रैक करने के लिए अमेरिकी इंटेलिजेंस की एक विशेष विंग चौबीसों घंटे काम कर रही है। खुद डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ईरान को चेतावनी दी है कि यदि उन्हें या किसी भी अमेरिकी नागरिक को नुकसान पहुंचाया गया, तो अमेरिका के पास ऐसी 1,000 मिसाइलें लॉक एंड लोडेड हैं जो ईरान को नक्शे से मिटा देंगी।

साफ है कि ईरान जंग में भले ही अपनी आखिरी सांसें गिनते हुए धमकियां दे रहा हो, लेकिन अमेरिकी सुरक्षा चक्र को भेद पाना उसके लिए विनाशकारी साबित होगा।

 

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