'मेरा टिकट काटने की आशुतोष में क्षमता नहीं, करने वाला कोई और है'— नरोत्तम मिश्रा के तीखे तेवर, "दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं

दतिया उपचुनाव के मंच से पूर्व गृहमंत्री का दर्द और हुंकार— "दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं, मैं भूलने वाला प्राणी नहीं!"

16 Jul 2026  |  768

 

 

दतिया (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा इन दिनों दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट न मिलने के बाद से लगातार सुर्खियों में हैं। चुनावी रण में वह पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में प्रचार तो कर रहे हैं, लेकिन मंच से रह-रहकर उनका दर्द और चिर-परिचित आक्रामक तेवर भी छलक रहे हैं। हाल ही में दतिया भाजपा कार्यालय में आयोजित एक जनसभा के दौरान उनके एक ताजा बयान ने राज्य की सियासी सरगर्मी को चरम पर पहुंचा दिया है।

"टिकट काटने वाले कोई और हैं..."

भरे मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा कि उनका टिकट कटना स्थानीय राजनीति का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा:

"उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की इतनी क्षमता नहीं है कि वह मेरा टिकट काट सकें। मेरा टिकट काटने वाला कोई और ही है, और आशुतोष की वहां तक पहुंचने की हैसियत नहीं है।"

इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है कि नरोत्तम मिश्रा का इशारा आखिरकार पार्टी के किस शीर्ष नेतृत्व या धड़े की ओर था।

दतिया पुलिस और एसपी को खुली चेतावनी

टिकट कटने के दर्द के बीच पूर्व गृहमंत्री का गुस्सा स्थानीय प्रशासन, खासकर दतिया पुलिस पर जमकर फूटा। उन्होंने दतिया एसपी (SP) को सीधे मंच से चेतावनी देते हुए कानून व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए।

नरोत्तम मिश्रा ने बेहद कड़े लहजे में कहा:

कार्यालय पर आंसू गैस के गोले क्यों?: "एसपी साहब ध्यान से सुन लें, आपने गाड़ियां तोड़ीं, हमारे पास इसके पूरे फुटेज हैं। आपको चक्काजाम खुलवाना था, तो खुलवाते... लेकिन आंसू गैस के गोले बीजेपी कार्यालय पर क्यों दागे? क्या हमारी बिल्डिंग सड़क पर खड़ी थी?"

कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं: "निर्दोष कार्यकर्ताओं पर झूठे केस लादना और उनकी बेरहमी से पिटाई करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

बदलेगा वक्त: "मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं। दोस्ती और दुश्मनी, दोनों को बखूबी याद रखता हूं। मेरी यह आवाज आप तक (एसपी तक) जरूर पहुंचेगी।"

'3 तारीख' के अल्टीमेटम से बढ़ी धड़कनें

चुनावी सभा के अंत में नरोत्तम मिश्रा ने दतिया की जनता और समर्थकों से एक सस्पेंस भरा वादा भी किया। उन्होंने कहा कि जनता बस 3 तारीख (मतदान/परिणाम के दिन) तक का इंतजार करे। उनके इस बयान ने न सिर्फ विपक्ष को चुटकी लेने का मौका दे दिया है, बल्कि भाजपा के भीतर भी अंदरूनी हलचल तेज कर दी है।

अब देखना यह होगा कि नरोत्तम मिश्रा के ये तीखे तेवर दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की नैया पार लगाते हैं या फिर पार्टी के लिए कोई नई मुश्किल खड़ी करते हैं।

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