संसद सत्र से पहले गरमाई सियासत: परिसीमन बिल पर मल्लिकार्जुन खरगे का PM मोदी को पत्र, सर्वदलीय बैठक की मांग

मानसून सत्र में 131वें संविधान संशोधन विधेयक को दोबारा लाने की तैयारी में सरकार; विपक्ष ने कसी कमर— "बिना आम सहमति और अध्ययन के पेश न हो बिल!"

16 Jul 2026  |  1016

 

 

नई दिल्ली: आगामी 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session 2026) से ठीक पहले देश का सियासी पारा चढ़ गया है। महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों के पुनर्गठन से जुड़े बेहद संवेदनशील 'परिसीमन बिल' (Delimitation Bill) को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस संशोधित विधेयक पर तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाने की पुरजोर मांग की है।

"पिछली हार से सबक ले सरकार, पहले विपक्ष से करे चर्चा"

मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि आम सहमति न होने के कारण ही यह विधेयक पहले गिर चुका है।

पत्र के मुख्य अंश:

"मैं लगातार माननीय संसदीय कार्य मंत्री से अनुरोध करता रहा कि केंद्र सरकार परिसीमन आदि के संबंध में अपने प्रस्तावों पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाए, लेकिन हमारे अनुरोधों को दरकिनार कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि 17 अप्रैल को 'संविधान (131वां संशोधन) विधेयक' लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई (2/3) बहुमत हासिल करने में विफल रहा।"

"अब मीडिया रिपोर्टों से जानकारी मिल रही है कि सरकार आगामी मानसून सत्र में इस संशोधित विधेयक को दोबारा पेश करने का प्रस्ताव कर रही है। मेरा फिर से अनुरोध है कि इसे संसद में लाने से पहले एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए, ताकि हमें सरकार के प्रस्तावों का विस्तार से अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।"

संसद में सरकार को घेरने की तगड़ी घेराबंदी

कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आगामी सत्र में परिसीमन विधेयक सहित सरकार के कई अन्य संभावित विधेयकों का पुरजोर विरोध करेगी। पार्टी का मानना है कि वर्तमान लोकसभा में सत्तापक्ष के पास दो-तिहाई बहुमत की गुंजाइश नहीं है, इसलिए विपक्ष एकजुट होकर सरकार को चुनौती देगा।

इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा विपक्ष:

परिसीमन विधेयक: राज्यों के प्रतिनिधित्व और क्षेत्रीय संतुलन के मुद्दों पर कड़ा विरोध।

भ्रष्टाचार और घोटाले: राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और परीक्षाओं में पेपर लीक का मामला।

आर्थिक व विदेश नीति: एथनॉल नीति और वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में विदेश नीति पर चर्चा की मांग।

10, जनपथ पर बनी कांग्रेस की 'संसदीय रणनीति'

संसद में सरकार को चौतरफा घेरने और विपक्षी एकजुटता को बनाए रखने के लिए कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास ‘10, जनपथ’ पर एक हाई-प्रोफाइल बैठक हुई।

इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल, और राज्यसभा में मुख्य सचेतक जयराम रमेश सहित कई वरिष्ठ रणनीतिकार मौजूद रहे। बैठक में तय किया गया कि कांग्रेस 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के अन्य घटक दलों के साथ निरंतर संपर्क में रहेगी ताकि सदन के भीतर सरकार के खिलाफ एक मजबूत और साझा मोर्चा खड़ा किया जा सके।

आगे की राह: 20 जुलाई से शुरू हो रहा यह सत्र बेहद हंगामेदार रहने के आसार हैं। देखना होगा कि क्या सरकार विपक्ष की मांग को स्वीकार कर सर्वदलीय बैठक बुलाती है, या फिर संसद के पटल पर एक बार फिर संख्याबल और विधायी प्रस्तावों का बड़ा घमासान देखने को मिलेगा।

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