नई दिल्ली।
देश की राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। स्थानीय बाजार में मांग की कमी के चलते सोने का दाम 800 रुपये कम होकर तीन सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमत में भी 2,000 रुपये की बड़ी कमी आई है। कारोबारियों के मुताबिक, दो सत्रों के ठहराव के बाद सोने की कीमतों में फिर से गिरावट का रुख शुरू हुआ है, जबकि चांदी में भी लगातार बिकवाली का दौर जारी है।
सोने की कीमतों का ताजा हाल
अखिल भारतीय सर्राफा एसोसिएशन (All India Sarafa Association) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 800 रुपये की कमी के साथ 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इससे पिछले सत्र यानी गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को इसका बंद भाव 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था। सभी करों सहित लागू हुए इस नए दाम के बाद सोने का यह स्तर 25 जून 2026 के बाद सबसे निचला स्तर है, जब इसका भाव 1,45,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
चांदी भी 2,000 रुपये हुई सस्ती
सोने के साथ-साथ सफेद धातु (चांदी) की कीमतों पर भी शुक्रवार को तगड़ा असर पड़ा। चांदी की कीमत 2,000 रुपये की भारी गिरावट के साथ 2,22,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। पिछले कारोबारी सत्र (16 जुलाई 2026) में चांदी 2,24,500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई थी। स्थानीय बाजार में ज्वेलर्स और औद्योगिक इकाइयों की तरफ से मांग में आई कमी को इस गिरावट की मुख्य वजह माना जा रहा है।
सर्राफा बाजार: एक नज़र में कीमतों का अंतर
| धातु प्रकार | नया भाव (17 जुलाई 2026) | पिछला बंद भाव (16 जुलाई 2026) | कुल गिरावट |
|---|---|---|---|
| सोना (99.9% शुद्धता) | 1,45,500 रुपये (प्रति 10 ग्राम) | 1,46,300 रुपये (प्रति 10 ग्राम) | 800 रुपये |
| चांदी | 2,22,500 रुपये (प्रति किलोग्राम) | 2,24,500 रुपये (प्रति किलोग्राम) | 2,000 रुपये |
अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख: विपरीत रही चाल
स्थानीय बाजार में जहां दोनों कीमती धातुओं के दाम गिरे, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल इसके विपरीत रही।
सोना (Gold): वैश्विक स्तर पर हाजिर सोने की कीमत में मामूली मजबूती देखी गई। यह 15.42 अमेरिकी डॉलर (0.39 फीसदी) बढ़कर 3,992 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस हो गया।
चांदी (Silver): अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमत में गिरावट का रुख रहा और यह 55.37 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर पर कारोबार कर रही थी।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू बाजार में आगामी त्योहारी सीजन से पहले मांग में यह सुस्ती अस्थाई हो सकती है, लेकिन वर्तमान में बिकवाली का दबाव हावी है।