आपके घर में छिपा है 'डिजिटल जासूस'! रोबोट वैक्यूम से लेकर स्मार्ट टीवी तक से लीक हो रहा है बेहद निजी डेटा

24 घंटे इंटरनेट से जुड़े गैजेट्स से प्राइवेसी को बड़ा खतरा; टॉयलेट सीट से लेकर लिविंग रूम तक की तस्वीरें क्लाउड पर लीक, एक्सपर्ट्स ने दी सेटिंग्स बदलने की चेतावनी।

17 Jul 2026  |  866

 

 

नई दिल्ली।

इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) के इस दौर में स्मार्ट टीवी, स्मार्ट स्पीकर, रोबोट वैक्यूम क्लीनर और वाईफाई सीसीटीवी कैमरे अब आधुनिक घरों का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ये डिवाइस हमारी जिंदगी को पहले से कहीं ज्यादा आसान और आरामदायक बना रहे हैं, लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू बेहद डरावना है। यही स्मार्ट गैजेट्स आज आपकी निजी जिंदगी का सबसे बड़ा डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार कर रहे हैं। 24 घंटे इंटरनेट से जुड़े रहने वाले ये उपकरण कैमरा, माइक्रोफोन और सेंसर की मदद से लगातार आपका डेटा इकट्ठा करते हैं, जिसमें एक छोटी सी भी सुरक्षा चूक आपकी निजी तस्वीरों और बातचीत को साइबर अपराधियों के हवाले कर सकती है। एमआईटी टेक्नोलॉजी रिव्यू और कंज्यूमर रिपोर्ट्स जैसी वैश्विक संस्थाओं की हालिया रिपोर्टों ने इस खतरे की पुष्टि की है।

रोबोट वैक्यूम और स्मार्ट टीवी: प्राइवेसी पर सबसे बड़ा वार

'एमआईटी टेक्नोलॉजी रिव्यू' की एक चौंकाने वाली खोजी रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि एक मशहूर ब्रांड के रोबोट वैक्यूम क्लीनर द्वारा घर के भीतर से रिकॉर्ड की गई बेहद निजी तस्वीरें इंटरनेट पर लीक हो गईं, जिसमें एक महिला की टॉयलेट सीट पर बैठी तस्वीर भी शामिल थी। यह डेटा पहले क्लाउड सर्वर पर भेजा गया और फिर एआई (AI) ट्रेनिंग के लिए डेटा एनोटेशन के दौरान सोशल मीडिया तक पहुंच गया।

दूसरी ओर, स्मार्ट टीवी में लगी ऑटोमैटिक कंटेंट रिकग्निशन (ACR) तकनीक लगातार यह ट्रैक करती है कि आप टीवी पर क्या देख रहे हैं। जांच में सामने आया है कि कई कंपनियां वॉयस कमांड के बहाने घर के भीतर होने वाली अन्य सामान्य बातचीत का डेटा भी चोरी-छिपे इकट्ठा कर रही हैं।

हैकर्स के निशाने पर सीसीटीवी और बेबी मॉनिटर

घर की सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले वाईफाई सीसीटीवी कैमरे और बेबी मॉनिटर हैकर्स के लिए सबसे आसान शिकार साबित हो रहे हैं। 'चेक प्वाइंट रिसर्च' के मुताबिक, कमजोर पासवर्ड और पुराने फर्मवेयर (Software) के कारण लाखों कैमरे लाइव हैकिंग के रडार पर हैं। हैकर्स इन कैमरों का रिमोट एक्सेस हासिल कर आपके घर के लाइव वीडियो तक देख सकते हैं।

"साइबर अपराधियों के लिए सिर्फ आपकी फोटो या वीडियो ही नहीं, बल्कि आपकी रोजमर्रा की आदतें भी बेहद कीमती हैं। आपके सोने-जागने का समय, घर से बाहर रहने का वक्त और आपकी आवाज का सैंपल—इन सभी का इस्तेमाल एआई वॉयस क्लोनिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और यहां तक कि रेकी कर चोरी करने के लिए भी किया जा सकता है।"साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ

स्मार्ट होम को सुरक्षित रखने के अचूक उपाय

यदि आप भी अपने घर में स्मार्ट डिवाइसेज का इस्तेमाल करते हैं, तो साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार तुरंत इन सुरक्षा सेटिंग्स को अपनाएं:

राउटर की सुरक्षा: अपने मुख्य वाईफाई राउटर का डिफॉल्ट यूजरनेम और पासवर्ड तुरंत बदलें।

गेस्ट नेटवर्क का उपयोग: स्मार्ट होम डिवाइसेज को अपने मुख्य इंटरनेट नेटवर्क पर जोड़ने के बजाय हमेशा एक अलग 'गेस्ट नेटवर्क' (Guest Network) बनाकर कनेक्ट करें।

स्मार्ट टीवी सेटिंग्स: टीवी की सेटिंग्स में जाकर ACR या व्यूइंग डेटा कलेक्शन (Viewing Data Collection) के फीचर को तुरंत बंद (Disable) करें। यदि टीवी में इन-बिल्ट कैमरा है और उपयोग नहीं हो रहा है, तो उस पर फिजिकल कैमरा कवर लगाएं।

स्मार्ट स्पीकर: अलेक्सा या गूगल होम जैसे स्पीकरों की वॉयस हिस्ट्री समय-समय पर डिलीट करें और काम न होने पर माइक्रोफोन को म्यूट रखें।

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA): सीसीटीवी, रोबोट वैक्यूम और स्मार्ट लॉक के ऐप्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य रूप से चालू करें।

सुविधा अपनाएं, लेकिन जिम्मेदारी के साथ

डिजिटल युग में स्मार्ट गैजेट्स का त्याग करना कोई व्यावहारिक समाधान नहीं है, बल्कि उन्हें समझदारी और सतर्कता से इस्तेमाल करना ही एकमात्र रास्ता है। कोई भी नया गैजेट खरीदते समय सिर्फ उसकी कीमत और फीचर्स न देखें, बल्कि यह भी जांचें कि कंपनी प्राइवेसी को लेकर कितनी गंभीर है और कितनी जल्दी सिक्योरिटी अपडेट जारी करती है। याद रखें, डिजिटल दुनिया में आपकी सुरक्षा काफी हद तक आपकी अपनी सावधानी पर ही निर्भर करती है।

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