रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का कड़ा और बिंदुवार जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे पूरी तरह आधारहीन बताया। मुख्यमंत्री ने सदन में गरजते हुए कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि प्रदेश की तीन करोड़ जनता के अटूट विश्वास और जनादेश के विरुद्ध है। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2023 के विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव और उसके बाद नगरीय निकाय चुनावों में जनता ने विकास, सुशासन और 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी' पर अपनी मुहर लगाई है।
मुख्यमंत्री ने पिछले ढाई वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश करते हुए कहा कि सरकार ने अधिकांश वादों को धरातल पर उतार दिया है, जो उसकी कार्यशैली और जनविश्वास का जीवंत प्रमाण हैं।
1. कानून-व्यवस्था और नक्सलवाद का ऐतिहासिक खात्मा
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर अपनी पीठ थपथपाते हुए कहा कि राज्य ने सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता पाई है।
शांति का नया दौर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 'सुरक्षा, विकास और जनविश्वास' की त्रिकोणीय रणनीति रंग ला रही है।
नक्सल उन्मूलन: बस्तर समेत दूरस्थ अंचलों में नक्सलवाद को बैकफुट पर धकेलकर शांति का नया वातावरण निर्मित किया गया है।
2. अन्नदाता और आदिवासियों का सर्वांगीण कल्याण
किसानों और आदिवासी समाज को सरकार की रीढ़ बताते हुए मुख्यमंत्री साय ने कई बड़ी घोषणाओं और योजनाओं का जिक्र किया:
रिकॉर्ड धान खरीदी: किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान और दो वर्षों के बकाया बोनस का त्वरित अंतरण किया गया।
कृषक उन्नति योजना: शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, फसल विविधीकरण और सिंचाई क्षमता का ऐतिहासिक विस्तार किया गया।
तेंदूपत्ता संग्राहकों को राहत: संग्राहकों का पारिश्रमिक बढ़ाने के साथ-साथ 'चरणपादुका योजना' को पुनः शुरू किया गया है।
ट्राइबल यूथ हॉस्टल: आदिवासी युवाओं की उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल का विस्तार किया गया है। साथ ही 'पीएम जनमन योजना' से कमजोर जनजातीय समूहों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
3. 'महतारी वंदन' से सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के दावों को आंकड़ों के साथ पुष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
| योजना / पहल | लाभ और प्रभाव |
|---|---|
| महतारी वंदन योजना | लगभग 70 लाख महिलाओं को ₹18,800 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता। |
| लखपति दीदी | 10 लाख 40 हजार से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने का गौरव। |
| संपत्ति अधिकार | महिलाओं के नाम रजिस्ट्री शुल्क में 50% और स्टांप ड्यूटी में 1% की विशेष छूट। |
4. औद्योगिक क्रांति: ₹8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति को गेम-चेंजर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश-विदेश के निवेशकों का भरोसा छत्तीसगढ़ पर बढ़ा है। निवेश सम्मेलनों के माध्यम से अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव (MoUs) प्राप्त हुए हैं। राज्य अब सिर्फ पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि वस्त्र उद्योग, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI-SEZ), डेटा सेंटर पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में तेजी से अग्रणी बनकर उभर रहा है।
5. ऊर्जा और खनिज राजस्व में देश में अव्वल
पावर हब: छत्तीसगढ़ ने 'प्लांट लोड फैक्टर' (PLF) के मामले में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत 76 हजार से अधिक घरों में सौर संयंत्र लगाए जा चुके हैं।
पारदर्शी खनिज नीति: 'खनिज ऑनलाइन 2.0' और 'डीएमएफ पोर्टल 2.0' के जरिए अवैध उत्खनन पर नकेल कसी गई है। लिथियम जैसे रणनीतिक खनिजों के विकास के साथ रिकॉर्ड खनिज राजस्व अर्जित किया गया है।
6. डिजिटल क्रांति और सुशासन का छत्तीसगढ़ मॉडल
प्रशासनिक सुधारों की झड़ी लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 'सेवा सेतु' पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 528 सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। ऑटो म्यूटेशन, मॉडल स्मार्ट रजिस्ट्री कार्यालय और 'मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076' के जरिए भ्रष्टाचार पर चोट की गई है। इसके अलावा, भारतनेट फेज-3.0 के माध्यम से हजारों ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट से और सुदूर क्षेत्रों को 829 नए मोबाइल टावरों से जोड़ा जा रहा है।
सांस्कृतिक और पर्यावरण गौरव:
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के अंत में पर्यावरण और संस्कृति का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत राज्य में 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। वहीं, 'श्री रामलला दर्शन योजना' के माध्यम से हजारों नागरिकों को मुफ्त में अयोध्या धाम की यात्रा करवाकर छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान दी जा रही है।