वाशिंगटन डीसी। संयुक्त राज्य अमेरिका इस समय मौसम की सबसे भयानक और बहुआयामी मार झेल रहा है। देश के पूर्वी हिस्से में स्थित ग्रेट लेक्स से लेकर राजधानी वाशिंगटन डीसी तक कुल 15 राज्यों के करोड़ो लोग लगातार तीसरे दिन जहरीले धुएं और प्रकृति के प्रकोप के बीच जीने को मजबूर हैं। पश्चिमी अमेरिका के जंगलों में लगी भीषण आग तेजी से रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ रही है, जिसके चलते देश के एक बड़े हिस्से में गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है।
अकेले शुक्रवार को देश भर में आग लगने की 68 नई घटनाएं दर्ज की गईं। प्रशासन ने लाखों अमेरिकी नागरिकों को सख्त हिदायत देते हुए घरों के भीतर ही रहने (स्टे-इनडोर) की सलाह दी है।
कहीं आग, कहीं धुंआ, कहीं बाढ़: विभाजित हुआ अमेरिका
इस समय पूरा अमेरिका मौसम के अलग-अलग रूप और आपदाओं से जूझ रहा है:
पूर्वी अमेरिका: आसमान पूरी तरह धुंध और जहरीले धुएं की चपेट में है।
पश्चिमी अमेरिका: जंगलों की आग अनियंत्रित होकर नई सीमाओं को छू रही है।
दक्षिणी अमेरिका: आग और सूखे के विपरीत, दक्षिणी राज्य भीषण बाढ़ की तबाही झेल रहे हैं।
जलवायु वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि इस अभूतपूर्व और भयावह स्थिति के पीछे ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) ही मुख्य वजह हैं। इस साल अब तक रिकॉर्ड 37 करोड़ एकड़ क्षेत्र आग की भेंट चढ़ चुका है।
आग बुझाने में सेना तैनात, छूटे फायरफाइटर्स के पसीने
लपटों पर काबू पाने के लिए अमेरिकी प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। राहत और बचाव कार्य का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि:
17,400 से अधिक कर्मचारी और फायरफाइटर्स जमीन पर मुस्तैद हैं।
140 से ज्यादा हेलीकॉप्टर आसमान से पानी बरसा रहे हैं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी सेना को भी मैदान में उतरना पड़ा है, जिसके चार विशालकाय सी-130 (C-130) एयर टैंकर लगातार आग बुझाने के काम में लगे हैं।
"गंदी और प्रदूषित हवा के लिए कनाडा जिम्मेदार"— भड़के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
इस प्राकृतिक आपदा ने अब एक बड़े अंतरराष्ट्रीय राजनयिक विवाद का रूप ले लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस वायु प्रदूषण के लिए पड़ोसी देश कनाडा पर तीखा हमला बोला है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर लिखा: "कनाडा अपने जंगलों का प्रबंधन करने में पूरी तरह विफल रहा है, जिसके कारण वहाँ की आग का गंदा, प्रदूषित और अस्वास्थ्यकर धुआं अमेरिका के शहरों में फैल रहा है। अमेरिकी शहरों की इस बिगड़ती हवा के लिए सीधे तौर पर कनाडा ही जिम्मेदार है। इस प्रदूषण से अमेरिका को हो रहे आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए कनाडा से आने वाले आयात पर मौजूदा अमेरिकी शुल्क (Tariff) को और बढ़ाया जाएगा।"
ट्रंप की इस खुली धमकी के बाद ओटावा (कनाडा सरकार) पर दबाव बेहद बढ़ गया है, और आने वाले दिनों में दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।