अमेरिका ने ईरान पर लगातार 7वीं रात किए भीषण हमले, तेहरान की खुली चेतावनी- 'अब कोई सीमा सुरक्षित नहीं',बड़े पैमाने पर शुरू करेंगे आक्रामक अभियान'

शांति वार्ता विफल होने के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का अब तक का सबसे बड़ा एक्शन; ईरानी कमांडर मेजर जनरल रेज़ाई बोले— 'अब सिर्फ पलटवार नहीं, बड़े पैमाने पर शुरू करेंगे आक्रामक अभियान'।

18 Jul 2026  |  1106

 

 

तेहरान/वाशिंगटन। मध्य-पूर्व में तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है और यह क्षेत्र एक पूर्ण विकसित वैश्विक युद्ध के मुहाने पर आ खड़ा हुआ है। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को लगातार सातवीं रात ईरान के कई ठिकानों पर भीषण बमबारी की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। अमेरिका के इस लगातार चौतरफा हमले के बाद बौखलाए ईरान ने भी बेहद सख्त लहजे में खुली चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अब दुनिया की कोई भी राजनीतिक सीमा सुरक्षित नहीं रहेगी।

पेंटागन के अनुसार, यह कार्रवाई तेहरान द्वारा हाल ही में शांति वार्ता विफल होने के बाद किए गए अब तक के सबसे विनाशकारी हमलों के जवाब में की गई है। ईरान ने कतर, कुवैत और जॉर्डन जैसे प्रमुख अमेरिकी सहयोगियों को निशाना बनाया था, जिसके बाद अमेरिका ने सीधे ईरान पर मोर्चा खोल दिया।

ईरानी बंदरगाहों पर मंडराया संकट, पुल हुए तबाह

अमेरिकी बमबारी ने दक्षिणी ईरान को भारी नुकसान पहुँचाया है। रक्षा विश्लेषकों के अनुसार:

तटीय संपर्क टूटा: हवाई हमलों में दक्षिणी ईरान के कई प्रमुख पुल जमींदोज हो गए हैं। इनमें से अधिकांश पुल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास स्थित बेहद महत्वपूर्ण तटीय शहर 'बंदर अब्बास' को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों पर थे।

बंदरगाहों को निशाना बनाने की धमकी: इससे पहले अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के एक रणनीतिक निगरानी टावर (Surveillance Tower) को भी नष्ट कर दिया था, जिसके जवाब में तेहरान ने फारस की खाड़ी (Persian Gulf) के प्रमुख बंदरगाहों को निशाना बनाने की धमकी दी है।

ईरान की महा-चेतावनी: "हम केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेंगे"

अमेरिकी हमलों से भड़के ईरान के सर्वोच्च नेता (Ayatollah) के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार और शीर्ष सैन्य कमांडर मेजर जनरल मोहसेन रेज़ाई ने युद्ध को और भड़काने वाले बयान जारी किए हैं।

ईरानी आधिकारिक समाचार एजेंसी 'आईआरआईबी' (IRIB) के अनुसार:

मेजर जनरल मोहसेन रेज़ाई ने कहा: "अगर अमेरिका सप्ताहांत (वीकेंड) तक इस गोलाबारी और बमबारी को जारी रखता है, तो उसे आने वाले दिनों में ईरान के 'बड़े पैमाने पर होने वाले आक्रामक अभियान' का सामना करना पड़ेगा। ईरान अब केवल डिफेंसिव मोड या सीमित जवाबी कार्रवाई तक ही खुद को रोककर नहीं रखेगा... अब कोई भी राजनीतिक सीमा सुरक्षित नहीं रहने वाली है।"

वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति पर संकट

जानकारों का मानना है कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य या फारस की खाड़ी के बंदरगाहों पर कोई बड़ा हमला किया, तो वैश्विक तेल आपूर्ति ठप हो सकती है। दुनिया का एक-तिहाई समुद्री तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। अमेरिका की सात दिनों से जारी लगातार बमबारी और ईरान की आक्रामक पलटवार की तैयारी ने संयुक्त राष्ट्र (UN) सहित दुनिया के तमाम देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मध्य-पूर्व इस समय एक बड़े क्षेत्रीय और वैश्विक संकट की जद में है।

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