मिडिल ईस्ट में महायुद्ध: अमेरिका के बाद अब ईरान का भीषण पलटवार, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागीं मिसाइलें

IRGC का दावा— अमेरिकी नेवी के फ्यूल पियर और इंटेलिजेंस सेंटर को किया तबाह; कुवैत एयरपोर्ट पर उड़ानें ठप, पावर प्लांट पर हमलों के बाद मचा हाहाकार।

18 Jul 2026  |  1377

 

 

तेहरान/कुवैत सिटी। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध अब पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो चुका है। ईरान में अमेरिकी सेना द्वारा लगातार सातवें दिन किए गए भीषण हवाई हमलों के बाद, ईरान की सेना ने भी चौतरफा पलटवार करते हुए युद्ध का दायरा बढ़ा दिया है। ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में स्थित कई प्रमुख अमेरिकी सैन्य और खुफिया ठिकानों को मिसाइलों और ड्रोन हमलों से निशाना बनाया है।

ईरान के इन ताजा और आक्रामक हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा के मद्देनजर कई आपातकालीन कदम उठाए गए हैं।

IRGC का बड़ा दावा: अमेरिकी इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर जमींदोज

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी 'तसनीम' के अनुसार, IRGC ने अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों की सूची जारी की है:

फ्यूल पियर पर हमला: ईरानी नौसेना ने कुवैत के अल-अहमदी बंदरगाह पर स्थित अमेरिकी नौसेना के ईंधन आपूर्ति पियर (Fuel Supply Pier) को निशाना बनाया।

एयरबेस पर स्ट्राइक: बहरीन में स्थित अमेरिकी सेना के 'शेख ईसा एयरबेस' पर भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए।

इंटेलिजेंस सेंटर तबाह: ईरान का दावा है कि उसने बहरीन में अमेरिकी खुफिया डेटा सेंटर 'बटेल्को' और कुवैत में अमेरिकी सिग्नल एवं दूरसंचार केंद्र को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। (हालांकि, इन दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है)।

कुवैत में हाहाकार: इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद, बिजली-पानी संयंत्रों में लगी आग

ईरानी हमलों का सबसे बड़ा और सीधा असर कुवैत पर देखने को मिला है, जहाँ जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है:

उड़ानें पूरी तरह निलंबित: सुरक्षा कारणों से कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Kuwait International Airport) पर विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग संचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। 'कुवैत एयरवेज' ने हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण अपनी अधिकांश उड़ानों को रीशेड्यूल करते हुए यात्रियों को अलर्ट पर रहने को कहा है।

पावर और डिसैलिनेशन प्लांट ठप: कुवैत के बिजली और जल मंत्रालय के अनुसार, हमलों के बाद एक प्रमुख बिजली और समुद्री जल विलवणीकरण (डिसैलिनेशन) संयंत्र में भीषण आग लग गई। राष्ट्रीय ग्रिड को बचाने के लिए बिजली उत्पादन की कई यूनिटों को आनन-फानन में बंद करना पड़ा है।

ईरान पहुंचा संयुक्त राष्ट्र (UN); अमेरिका पर मढ़ा तबाही का आरोप

एक तरफ जहां जमीन और आसमान में बारूद बरस रहा है, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक मोर्चे पर भी जंग तेज हो गई है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर-सईद इरावानी ने यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को एक आपातकालीन पत्र लिखा है।

ईरान के पत्र का मुख्य अंश: "अमेरिकी सेना ट्रंप की धमकियों के बाद ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे (Civilian Infrastructure) को जानबूझकर निशाना बना रही है। अमेरिकी बमबारी में होर्मुज और बंदर अब्बास के पास हमारे पुलों, पानी के प्लांट, परिवहन नेटवर्क, संचार सुविधाओं और रडार प्रतिष्ठानों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। इस युद्ध से हो रही मौतों, बुनियादी ढांचे की क्षति और पर्यावरणीय नुकसान के लिए अमेरिका पूरी तरह जिम्मेदार है। यह अंतरराष्ट्रीय शांति और नौवहन की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा है।"

आगे की राह: होर्मुज जलडमरूमध्य में गतिरोध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के बाद शुरू हुआ यह टकराव अब एक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले चुका है। दोनों ओर से हो रहे इन विनाशकारी हमलों ने वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को भारी संकट में डाल दिया है।

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