
सुप्रीम कोर्ट की दो टूक: मासिक धर्म स्वास्थ्य निर्देशों पर जानकारी न देने वाले राज्यों पर मंडराया अवमानना का खतरा
मासिक धर्म स्वच्छता को अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार बताते हुए शीर्ष अदालत ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दी अंतिम चेतावनी; 14 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई।
● ब्रेकिंग











