राजगढ़।

मध्य प्रदेश में पर्यावरण और जल संरक्षण के संकल्प को दोहराते हुए ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का भव्य समापन हुआ। इस समापन अवसर के मद्देनजर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज राजगढ़ पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहाँ न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्तियों और महिला सशक्तिकरण को नई ऊर्जा देने वाले कई महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत भी की।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता के चरणों में नमन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भैंसवामाता क्षेत्र स्थित पवित्र दूध तलैया में वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्ण विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने भैंसवामाता एवं माता बिजासन के दर्शन कर मध्य प्रदेश की सुख, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर के प्रस्तावित भव्य स्वरूप के मॉडल का अवलोकन किया और इसके विकास एवं सौंदर्यीकरण से संबंधित भावी योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली।

पारंपरिक आदिवासी नृत्य और कलश से हुआ भव्य स्वागत

भैंसवामाता मंदिर के प्रवेश द्वार पर मुख्यमंत्री का स्वागत बेहद अनूठे और पारंपरिक अंदाज में किया गया। वहाँ मौजूद आदिवासी नृत्य दल ने पूरे उत्साह, उमंग और जोश के साथ अपनी आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। वहीं, नन्हीं बच्चियों ने सिर पर मंगल कलश धारण कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया।

सशक्तिकरण की ओर कदम: दिव्यांगों को मिली ट्राई साइकिल, लखपति दीदियों को मिले इलेक्ट्रिक वाहन

इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री के हाथों समाज के दो महत्वपूर्ण वर्गों को बड़ी सौगातें मिलीं:

सशक्त दिव्यांग: मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ट्राई साइकिल वितरित कीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

लखपति दीदी योजना: महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करते हुए सीएम ने 'लखपति दीदी' स्वयं सहायता समूहों को 11 इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की चाबियां सौंपी।

प्लास्टिक वेस्ट से बनी 'ईको ब्रिक्स' की सराहना, दिया 'हरित भारत' का संदेश

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे अनूठे प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने ब्यावरा की पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट (कचरे) से तैयार किए जा रहे 'ईको ब्रिक्स' की खुलकर तारीफ की।

"जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे बड़े अभियान केवल सरकार के भरोसे पूरे नहीं हो सकते, इनकी सफलता का असली राज 'जनसहभागिता' है। प्लास्टिक वेस्ट से ईको ब्रिक्स बनाना पर्यावरण संरक्षण का एक अनुकरणीय और अद्भुत मॉडल है।" — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री (म.प्र.)

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिसर में पौधरोपण कर पूरे प्रदेश को 'हरित भारत' और प्रकृति को बचाने का एक सशक्त संदेश दिया।