बागपत: दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर स्थित 'हीरो एग्रीकल्चर फैक्ट्री' में बीती रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी भयावह थी कि इसकी लपटें पास स्थित आवास विकास कॉलोनी तक पहुँच गईं, जिससे स्थानीय निवासियों में अफरातफरी मच गई। दमकल विभाग की 5 गाड़ियों ने करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
देर रात धधक उठी फैक्ट्री
जानकारी के अनुसार, रिम और धुरा बनाने वाली इस फैक्ट्री में टायरों का भी काम होता है। रात लगभग 11:30 बजे अचानक फैक्ट्री के भीतर से आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। फैक्ट्री में रखे टायर और ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैली, जिससे लाखों रुपये का तैयार माल और मशीनरी जलकर राख हो गई।
रिहायशी इलाके में दहशत का माहौल
फैक्ट्री का पिछला हिस्सा आवास विकास कॉलोनी से सटा हुआ है। जब आग की लपटें घरों की दीवारों तक पहुँचने लगीं, तो कॉलोनी के लोग दहशत में आ गए। पूर्व सभासद आशुतोष तोमर ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर कई परिवारों के सदस्य आनन-फानन में अपने घरों से बाहर निकल आए और सड़कों पर जमा हो गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन: 4 घंटे का संघर्ष
घटना की सूचना मिलते ही सबसे पहले फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुँचीं, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए तुरंत तीन और गाड़ियां बुलाई गईं।
कुल गाड़ियाँ: 5 दमकल वाहन।
समय: 4 घंटे का ऑपरेशन।
निर्णायक कार्रवाई: दमकल कर्मियों ने फैक्ट्री खुलवाकर भीतर प्रवेश किया और आग को रिहायशी इलाके में फैलने से रोका।
शॉर्ट सर्किट बना आग का कारण
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) अमरेंद्र प्रताप सिंह ने पुष्टि की कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। फैक्ट्री के चौकीदार रामबीर के मुताबिक, उसे पुलिस ने मौके पर पहुँचकर आग लगने की जानकारी दी थी।
घटनाक्रम एक नज़र में:
स्थान: हीरो एग्रीकल्चर फैक्ट्री, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे, बागपत।
समय: रात 11:30 बजे (आग लगने का समय)।
नुकसान: फैक्ट्री में रखे टायर, रिम और धुरा जलकर राख (लाखों का नुकसान)।
राहत: कोई हताहत नहीं, रिहायशी इलाका सुरक्षित।





