विशेष विश्लेषण:

जंतर-मंतर पर हुए हालिया प्रदर्शनों के दौरान इंस्टाग्राम पर जिस तेजी से रील और वीडियो वायरल हुए, उसने यह स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं तक पहुँचने का सबसे तेज और प्रभावी जरिया डिजिटल प्लेटफॉर्म ही हैं। इसी वजह से राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी और ब्रांडिंग रणनीति का बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया पर केंद्रित कर दिया है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के आधिकारिक इंस्टाग्राम प्रोफाइल का विश्लेषण राजनीति के इसी बदलते तौर-तरीकों की एक दिलचस्प तस्वीर पेश करता है।

फॉलोअर्स बनाम पोस्ट: रणनीति अलग, प्रभाव अलग

विश्लेषण से पता चलता है कि सोशल मीडिया पर प्रभाव केवल पोस्ट की संख्या से नहीं, बल्कि नेता की व्यक्तिगत पहचान, कंटेंट की स्वीकार्यता और जनता से जुड़ाव से तय होता है।

सबसे बड़ा डिजिटल चेहरा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1.72 करोड़ फॉलोअर्स के साथ भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों में शीर्ष पर हैं। उन्होंने अपेक्षाकृत कम पोस्ट के बावजूद सबसे बड़ा फॉलोअर बेस बनाया है।

कम पोस्ट में बड़ा असर: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा केवल 530 पोस्ट के बावजूद 27 लाख फॉलोअर्स के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं, जो उनके कंटेंट की उच्च स्वीकार्यता को दर्शाता है।

लगातार सक्रियता की मिसाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (20 लाख फॉलोअर्स) लगातार रील, वीडियो और पोस्ट (10,898 पोस्ट) के ज़रिए अपनी डिजिटल मौजूदगी को मजबूत कर रहे हैं। वे सबसे ज़्यादा एक्टिव रहने वाले मुख्यमंत्रियों में दूसरे स्थान पर हैं।

मुख्यमंत्रियों का सोशल मीडिया रिपोर्ट कार्ड

मुख्यमंत्री एवं राज्यफॉलोअर्स की संख्या
योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश)1.72 करोड़
देवेंद्र फडणवीस (महाराष्ट्र)28 लाख
हिमंत बिस्वा सरमा (असम)27 लाख
डॉ. मोहन यादव (मध्य प्रदेश)20 लाख
पुष्कर सिंह धामी (उत्तराखंड)16 लाख

सबसे ज़्यादा एक्टिव रहने वाले मुख्यमंत्री (अधिकतम पोस्ट):

नायब सिंह सैनी (हरियाणा) – 11,555 पोस्ट

डॉ. मोहन यादव (मध्य प्रदेश) – 10,898 पोस्ट

देवेंद्र फडणवीस (महाराष्ट्र) – 10,257 पोस्ट

प्रमोद सावंत (गोवा) – 10,225 पोस्ट

विष्णुदेव साय (छत्तीसगढ़) – 9,803 पोस्ट

राज्यों के हिसाब से डिजिटल ब्रांडिंग स्टाइल

प्रत्येक मुख्यमंत्री की इंस्टाग्राम पर अपनी एक अलग पहचान और कंटेंट स्ट्रेटजी देखने को मिलती है:

पुष्कर सिंह धामी (उत्तराखंड): युवाओं, स्थानीय पर्यटन और धार्मिक आयोजनों का प्रचार।

विष्णुदेव साय (छत्तीसगढ़): जनजातीय समाज, लोक-संस्कृति और ग्रामीण विकास पर केंद्रित।

भूपेंद्र पटेल (गुजरात): राज्य के विकास कार्यों, व्यापारिक निवेश (Investment) और सुशासन की ब्रांडिंग।

प्रमोद सावंत (गोवा): पर्यटन, गोवा की संस्कृति और स्थानीय जनसंपर्क पर फोकस।

पेमा खांडू (अरुणाचल प्रदेश): पूर्वोत्तर की प्राकृतिक सुंदरता, पर्यटन और सीमांत क्षेत्रों के विकास की झलक।

मोहन चरण माझी (ओडिशा) व रेखा गुप्ता (दिल्ली): जनसंवाद, नई सरकारी नीतियों और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान।