रांची। झारखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब और भी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। राज्य सरकार स्कूली शिक्षा को पूरी तरह डिजिटल और हाई-टेक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। 'ई-शिक्षा कनेक्ट' योजना के तहत प्रदेश में सात अत्याधुनिक (हाई-टेक) स्टूडियो का निर्माण किया जाएगा, जिस पर कुल 14 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की संस्था जेसीईआरटी (JCERT) ने इस महत्वाकांक्षी योजना का पूरा प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसकी विभाग द्वारा समीक्षा की जा रही है।
रांची में दो और प्रमंडलों में बनेंगे एक-एक स्टूडियो
इस योजना के तहत राजधानी रांची स्थित जेसीईआरटी मुख्यालय में दो स्टूडियो बनाए जाएंगे। इसके अलावा राज्य के सभी प्रमंडल मुख्यालयों में एक-एक स्टूडियो का निर्माण किया जाएगा।
पहले जेसीईआरटी ने सिर्फ रांची के रातू स्थित अपने कार्यालय में दो स्टूडियो के लिए 4 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाकर पूरे राज्य को इसमें शामिल कर लिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमंडल स्तर पर स्टूडियो बनने से स्थानीय भाषा और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार बेहतर वीडियो व शैक्षणिक सामग्री तैयार की जा सकेगी।
'गुरुजी ऐप' और 'ई-विद्यावाहिनी' बनेंगे डिजिटल हब
राज्य सरकार पहले से ही स्कूली बच्चों को डिजिटल सामग्री उपलब्ध करा रही है। मासिक टेस्ट के प्रश्नपत्र हों, क्वेश्चन बैंक हों या शिक्षकों के लिए सिलेबस—सब कुछ ऑनलाइन भेजा जाता है। अब इन नए स्टूडियो के बनने से उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो लेक्चर और डिजिटल कंटेंट तैयार किए जाएंगे, जिन्हें ई-विद्यावाहिनी पोर्टल और गुरुजी ऐप के माध्यम से सीधे स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों तक पहुंचाया जाएगा।
शिक्षकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण में भी मिलेगी मदद
इस योजना का लाभ सिर्फ छात्रों को ही नहीं, बल्कि शिक्षकों को भी मिलेगा। नियमों के मुताबिक, शिक्षकों के लिए साल में 50 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है।
अब इस प्रशिक्षण के लिए बेहतरीन डिजिटल और ऑनलाइन सामग्री इन्हीं प्रमंडल स्तरीय स्टूडियो में तैयार की जाएगी।
इससे शिक्षकों को घर बैठे या स्कूल में ही आधुनिक तकनीकों से रूबरू होने का मौका मिलेगा।
योजना पर एक नजर:
कुल बजट: ₹14 करोड़
कुल स्टूडियो: 07 (02 रांची में, 05 प्रमंडल मुख्यालयों में)
मुख्य उद्देश्य: गुणवत्तापूर्ण वीडियो कंटेंट, डिजिटल क्वेश्चन बैंक और ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण।
इस पहल से झारखंड के सुदूर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बच्चों को भी शहरों जैसी विश्वस्तरीय डिजिटल शिक्षा मिल सकेगी, जो राज्य के शैक्षणिक ढांचे के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।





