भोपाल: मध्य प्रदेश पुलिस में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बेहद दिलचस्प और राहत भरी खबर है। एमपी पुलिस में इस समय 'बैंड कांस्टेबल' (आरक्षक) के 679 पदों पर विशेष भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इस भर्ती की सबसे अनूठी बात यह है कि उम्मीदवारों को सामान्य पुलिस भर्ती की तरह कड़े फिजिकल टेस्ट से नहीं गुजरना होगा। यानी अभ्यर्थियों को 800 मीटर की दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक जैसी पारंपरिक शारीरिक परीक्षाओं से पूरी तरह छूट दी गई है।

राज्य सरकार ने सभी जिलों में पुलिस बैंड की स्थापना के लिए कुल 932 पदों को मंजूरी दी थी, जिनमें से खाली पदों को मिलाकर फिलहाल 679 आरक्षक पदों पर भर्ती की जा रही है। इन पदों के लिए युवाओं में भारी क्रेज देखा जा रहा है और महज कुछ सौ पदों के लिए 40 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है।

भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 'सुरों की परीक्षा' शुरू

आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच) के बाद, 24 जून से भोपाल के ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड में उम्मीदवारों का स्किल टेस्ट और बैंड वादन परीक्षा शुरू हो चुकी है। यह पूरी चयन प्रक्रिया तीन मुख्य चरणों में पूरी होगी:

स्किल टेस्ट (Skill Test)

बैंड वादन परीक्षा (Band Playing Exam): इसके लिए कुल 60 अंक निर्धारित हैं।

साक्षात्कार (Interview): इसके लिए 25 अंक तय किए गए हैं। इसके अलावा अतिरिक्त योग्यता के लिए 15 अंक दिए जाएंगे।

चयन की मुख्य शर्त: पुलिस बैंड में इस्तेमाल होने वाले कुल 18 म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स (वाद्य यंत्रों) में से उम्मीदवारों को कम से कम एक इंस्ट्रूमेंट को पूरी दक्षता के साथ बजाना आना अनिवार्य है।

फिजिकल टेस्ट नहीं, लेकिन 'हाइट और चेस्ट' का मापदंड रहेगा लागू

भले ही उम्मीदवारों को मैदान पर दौड़ना-कूदना नहीं है, लेकिन नियमों के मुताबिक उन्हें सामान्य पुलिस भर्ती के समान ऊंचाई (Height) और सीने की माप (Chest Measurement) के मानकों को पूरा करना होगा। इसके साथ ही अंतिम रूप से चुने गए अभ्यर्थियों का विस्तृत मेडिकल परीक्षण भी किया जाएगा।

जरूरत पड़ने पर करनी होगी 'सामान्य पुलिसिंग'

होम डिपार्टमेंट (गृह विभाग) ने इन पदों को मंजूरी देते समय एक महत्वपूर्ण शर्त रखी है। विशेष सशस्त्र बल (SAF) के एडीजी चंचल शेखर के अनुसार, यह भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2019 के जीओपी (GOP) के तहत की जा रही है।

चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग के बाद सामान्य आरक्षकों की तरह ही 6 महीने की अनिवार्य फिजिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि बैंड ड्यूटी के अलावा, आपातकालीन स्थितियों या जरूरत पड़ने पर ये कर्मचारी सामान्य पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारियों को भी बखूबी संभाल सकें।

फिलहाल, परीक्षा के अंकों और मेरिट के आधार पर कुल पदों की संख्या से तीन गुना (3 गुना) उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम चयन सूची जारी होगी।